फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: आंखों के सामने पत्नी और बेटी ने तोड़ दिया दम

Fri, 29 Mar 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो समाचार.......
विज्ञापन

- पुरवा चौराहे पर बेटी के साथ सड़क पार करते समय आई बाइक की चपेट में- मेडिकल कॉलेज में
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पति के साथ ग्राम समूह के कार्य से जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन में आयोजित बैठक में शामिल होने आ रही समूह सखी की सड़क हादसे में मौत हो गई। उसके साथ उसकी ढाई वर्षीय बेटी की मौत हो गई। आंखों के सामने घटित हुई घटना को देखकर पति के होश उड़ गए। कुछ देर के लिए वह सुन्न पड़ गए। बांद में स्थानीय लोगों ने उन्हें संभाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
गौरीबाजार के बखरा गांव निवासी बेचन प्रसाद की पत्नी गीता देवी ग्राम समूह में समूह सखी थींं। बृहस्पतिवार को वह अपनी ढाई साल की पुत्री वर्षा को लेकर पति बेचन प्रसाद के साथ जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के लिए निकलीं। तीनों बाइक से सवार होकर पुरवा चौराहे पर पहुंचे। बेचन बाइक रोककर सड़क पार कर रहे थे। बेचन प्रसाद आगे निकल गए। उनकी गीता देवी अपनी पुत्री वर्षा के साथ धीरे-धीरे सड़क पार कर रही थीं।
विज्ञापन

इसी बीच बाइक सवार दो युवक तेजी से आए। सड़क पार कर रहीं मां-बेटी बाइक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। लोगों के सहयोग से गंभीर रूप से घायल पत्नी और पुत्री को लेकर बेचन प्रसाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां इलाज के क्रम में पत्नी व बेटी ने उनके सामने ही दम तोड़ दिया। पल भर में ही तस्वीर बदल गई।
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम नकटा नाले पर मां-बेटी का दाह संस्कार किया गया। पति बेचन ने रोते हुए दोनों को मुखाग्नि दी। इसके बाद जब वह घर पहुंचा तो बच्चों ने मां को लेकर सवाल किया।
दोनों बच्चों को सीने से लगाकर फूट-फूट कर रोने लगा। यह दृश्य देखकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।

आंखों के सामने पत्नी व पुत्री ने तोड़ा दम
देवरिया। सड़क हादसे में पति के सामने ही पत्नी एवं मासूम पुत्री ने दम दिया। पति की जरा सी चूक से दो जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं। वहीं, दो मासूम बच्चों से मां की ममता छिन गई। देर शाम जब घर पर मौजूद बच्चों को मां के अब इस दुनिया में नहीं होने की भनक मिली तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वे बदहवास हो रोने व चिल्लाने लगे। बचपन में ही दोनों मासूम से क्रूर काल ने मां की ममता छीन ली।
विज्ञापन


बेटा व बेटी से ढेर सारा सामान लाने का वादा करके गई थी गीता
गीता जब अपनी छोटी बेटी वर्षा के साथ घर से निकल रही थी तो उसकी तीन संतानों में सबसे बड़े पुत्र अविनाश गौतम व पुत्री शिवानी साथ जाने की जिद करने लगे। इस पर गीता ने शाम को लौटते समय दोनों के लिए ढेर सारा सामान लेकर आने की बात कही थी। उसे क्या पता था कि रास्ते में काल उसका इंतजार कर रहा है। इस बात को याद कर परिवार के अन्य सदस्य रोए जा रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें