या हुसैन..या हुसैन की सदाओं के बीच निकला मोहर्रम का जुलूस
शहर में मालवीय रोड पर हुआ विभिन्न अखाड़ों के ताजियों का मिलन
दो साल बाद युवाओं ने दिखाए हैरतंगेज करतब, चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मोहर्रम की दसवीं का ताजिया जुलूस मंगलवार को सुबह व शाम में पूरी शान-शौकत के साथ निकला। या हुसैन..या हुसैन की सदाओं के बीच विभिन्न अखाड़ों ने शहर के मुख्य मार्गों पर हैरत में डालने वाले करतब दिखाए। दो साल बाद लगे मेले का लोगों ने भी खूब आनंद लिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर चौकस दिखा।
सुबह में मोहर्रम की दसवीं का जुलूस स्टार क्लब अब्बासिया, अबूबकरनगर के सरपरस्त सेराज अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में निकला। ताज क्लब न्यू कॉलोनी, फाइव स्टार क्लब बसियवां, ईस्लामिया अखाड़ा देवरिया खास, हुसैनी क्लब अबूबकरनगर के अलावा इलाही टोला, पिपरपाती, रामगुुलाम टोला, देवरही, महुआबारी, रघवापुर, अलीनगर, रामनाथ देवरिया, कतरारी की ताजिया व अखाड़ा अपने-अपने चौक से निकले।
रास्ते भर विभिन्न अखाड़ों से जुड़े खिलाड़ियों ने लाठी, डंडा, बाना, बनैठी, चकरी, बंदिश सहित अन्य रोमांचक खेलों से लोगों का खूब मनोरंजन किया। मालवीय रोड पर सबका मिलन हुआ। सुबह नौ से 11 बजे तक मालवीय रोड में मेला लगा रहा। इसके बाद ताजिया और अखाड़ा अपने-अपने चौक पर लौट गए। शाम को पांच बजे पुन: सभी अखाड़ों ने अपने चौक से ढोल-ताशे के साथ निकले। तहसील चौक से लेकर रेलवे चौकी तक खिलाड़ियों के हैरतंगेज प्रदर्शन को देखने के लिए लोग जुटे रहे।
करतब का प्रदर्शन करने के बाद ताजिया जुलूस देर शाम तक अलीनगर स्थित कर्बला में दफन के लिए चले गए। इस दौरान अंजुमन इस्लामिया के सदर मो. जलालुद्दीन खां, सचिव आफताब अहमद, इजहारुल हक, खालिद बिन नसीम, इसरार अहमद, अनिसुर्रहमान, मो. शफीकुर्रहमान आदि जुलूस की मुकम्मल व्यवस्था में जुटे रहे।
चार पीढ़ियों से बताशा गली में हिंदू बनाते हैं ताजिया
शहर की बताशा गली में चार पीढ़ियों से एक मद्धेशिया परिवार ताजिया जुलूस निकालता है। पूरी परंपरा का निर्वहन करते हुए यहां के व्यापारी भी इसमें सहयोग करते हैं। इस बार यहां के व्यापारियों ने लकड़ी के बुरादे से ताजिया बनाया है। प्रमोद मद्धेशिया ने मंगलवार को बताया कि चार पीढ़ियों से यह परंपरा चली आ रही है। सोमवार की शाम को फातिहा पढ़ा गया। मंगलवार की सुबह अखाड़ा व ताजिया का मिलन किया गया। उनकी मां 65 वर्षीय सुभावती देवी कहती हैं कि उनके बुजुर्गों में शामिल रहे लाला जी ने इस परंपरा की शुरुआत की थी। इसका सभी आज भी निर्वहन कर रहे हैं। इसी परिवार से जुड़े चंदन मद्धेशिया व ताजिया बनाने वाले दीपक ने बताया कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। यह जिंदा रहे, इसी उद्देश्य से हर साल यह परंपरा निभाते हैं।
अकीदत के साथ कर्बला में दफन हुए ताजिए
रामपुर कारखाना। हजरत इमाम हुसैन की शहादत का यादगार मोहर्रम मंगलवार को दसवीं के जुलूस के साथ शुरू हुआ। जुलूस के साथ विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ी करतब दिखाते आगे बढ़े। दो साल बाद ताजिए के जुलूस के साथ खिलाड़ियों ने करतब दिखाया। देवरिया-कसया मार्ग रामपुर कारखाना मुख्य चौराहा, यूपी बड़ौदा बैंक और डुमरी चौराहे पर रामपुर कारखाना और डुमरी के अखाड़ों के खिलाड़ियों ने हैरत में डालने वाला करतब दिखाया।
कोटवा मोड़ चौराहा, शाहबाजपुर और रामपुर हीरामन मेले में भीड़ उमड़ी रही। क्षेत्र का सबसे ऊंचा माना जाने वाला और 300 साल से एक ही रंग-रूप में बनने वाला काजी इमामबाड़ा का प्रसिद्ध ताजिया रामपुर हीरामन कर्बला में दफन किया गया। रामपुर कर्बला में भी क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों के ताजिए अकीदत के साथ दफन किए गए। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया।
आकर्षण का केंद्र बना रहा तिरंगे के रंग में बना ताजिया
तरकुलवा। हर घर तिरंगा अभियान का असर मोहर्रम के ताजियों पर भी दिखा। तरकुलवा क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव में तिरंगे के रंग में बना ताजिया लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस ताजिए को पूरी तरह तिरंगे के रंग में सजाया गया था। गांव के शेख हारून अली, सद्दाम हुसेन, शाबिर अली, कादिर अली आदि ने बताया कि तिरंगे के रंग में ताजिया बनाकर लोगों ने आजादी के अमृत महोत्सव को यादगार बनाने का काम किया है।
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अखाड़ों ने निकाला मातमी जुलूस
रुद्रपुर/मदनपुर। मोहर्रम की दसवीं पर मंगलवार को नगर और मदनपुर में मातमी जुलूस निकला। विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ियों ने ताजिया जुलूस के साथ खेल प्रदर्शन किया। चौराहों पर अखाड़ों के खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखा कर लोगों को रोमांचित कर दिया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने या हुसैन, या हुसैन का नारा बुलंद किया। इस अवसर पर जुटे युवकों ने जमकर तिरंगा लहराया।
पुराना चौक से ताजिया के साथ दोपहर बाद अखाड़े के खिलाड़ी निकले। अशरफिया चांद क्लब, गुलशेन मदीना, पूराना चौक और थ्री स्टार आदर्श चौराहे के युवकों ने जगह खेल का प्रदर्शन किया। लाठी, डंडे और नुकीली कीलों पर खेल का प्रदर्शन देख लोग रोमांचित हो उठे। खिलाड़ियों का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। नेताओं ने अखाड़ों के युवकों को शील्ड देकर पुरस्कृत किया।
खजुहा चौराहे पर चेयरमैन प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा और मलहटोली वार्ड में मनमथ त्रिपाठी ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया। ताजिया जुलूस में मुसलमानों के साथ हिंदू भी शामिल हुए। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे।
मदनपुर, निबही में शांति पूर्ण माहौल में मोहर्रम का त्योहार मनाया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार हिमांशु सिंह, प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह, सज्जाद अली, नुरे आलम, जावेद, वाहिद अली, इमरान खान, असगर, लल्लन गुप्ता, महेश वर्मा, जितेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।संवाद
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शांति और सौहार्द के बीच निकला ताजिया जुलूस
जुुलूस में युवाओं ने दिखाया करतब, तैनात रही फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर क्षेत्र में मोहर्रम पर मंगलवार को शांति और सौहार्द के बीच ताजिया जुलूस निकाला गया। जिसे करबला में दफन करने के साथ अमन-चैन की दुआ मांगी गई। नगर में पुलिस तैनात रही।
नगर में जायसवाल धर्मशाला के निकट, डॉ. लारी आवास के बगल में, आजादनगर उत्तरी में शराफत अली, दक्षिणी में पप्पू शाह के घर के निकट, पटेल नगर में चार जगह, पुराना बरहज शमीम हैदर, नयानगर, लवरछी में लाल मोहम्मद, जबकि कपरवार, गड़ेर, भलुअनी, मगहरा, करुअना, सोनाड़ी, पैना, मदनपुर आदि जगहों पर ताजिया जुलूस निकाला गया।
जुलूस में तीन रंगों के बना अशोक चक्र वाला ताजिया आकर्षण में रहा। जुलूस में लोग तिरंगा झंडा लिए हुए थे। नगर के मुख्य चौक के नगरपालिका मार्ग पर ताजिया का मिलान कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम गजेंद्र सिंह, सीओ पंचम लाल, थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र, ईओ चंद्रकृष्ण पांडेय, आनंद सिंह, भलुअनी में एसओ मुकेश मिश्र, मदनपुर में एसओ बीबी राजभर एसआई अमरनाथ सोनकर आदि नजर बनाए हुए थे।
नगर पालिका की ओर से जगह-जगह साफ-सफाई और चूने का छिड़काव कराया गया था। इस दौरान शब्बीर शाह, अयूब अंसारी, अब्दुल खालिक, इस्तेयाक अहमद, कामिल शेख, डबलू शेख, नफीस खान, बरकत अली, बबलू राइन, जमशेद खान आदि मौजूद रहे।
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ताजिया कर्बला में हुआ दफन, मोहर्रम सकुशल संपन्न
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भाटपाररानी। नगर व क्षेत्र में मंगलवार को मोहर्रम सकुशल संपन्न हो गया। ताजिया कर्बला में दफन कर दिए गए। इसके पूर्व ताजियों को चौक से उठाने के बाद जुलूस निक ला। युवक विभिन्न करतब दिखाए और कर्बला तक ले गए ।
नगर स्थित चिकटोली व अन्य स्थानों पर ताजियादारों ने ताजिया घोषित समय के अनुसार उठाकर नगर में भ्रमण कराया। बड़ी संख्या में युवकों ने जुलूस के बीच करतबों को दिखाया। इसमें मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदाय के युवक शामिल रहे। सभी ताजियों को बेलपार स्थित कर्बला में दफन कर दिया गया। क्षेत्र के सिकटिया, भिंगारी, दिस्तौली, खामपार, माड़ीपुर, सरया, सवरेजी, महुआबारी, टीकमपार, पहाड़पुर, रामपुर बुजुर्ग, भवानी छापर, भोपतपूरा, रहीमपुर, पड़री, निशानिया पैकौली आदि स्थानों के कर्बला में ताजिया दफन किए गए।
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कर्बला में ताजिया दफन किये गए
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भटनी। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में नगर सहित पूरे क्षेत्र में मोहर्रम पर मंगलवार को ताजियों का जुलूस निकाला गया। बोलो-बोलो मुहमदिया हुसैन, या हुसैन या हुसैन के नारे के साथ लोगों ने चौक पर स्थापित ताजिया को उठाया और जुलूस की शक्ल में कर्बला पहुंच कर ताजियों को ठंडा किया।
भटनी इलाके में विभिन्न इमाम चौक से कई ताजिए निकले। मंगलवार को दोपहर बाद युवाओं की टोली ताजिये को उठाकर आगे बढ़ी। नगर क्षेत्र की ताजिया गांधी चौक होते हुए मेन रोड होकर रेलवे ग्राउंड पहुंची। वहीं, देहात क्षेत्र की ताजिया बाईपास रोड होते हुए कर्बला ग्राउंड पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
बड़ी मस्जिद स्थित ताजिया को मिला प्रथम स्थान
भटनी। नगर स्थित बड़ी मस्जिद के बगल वाले ताजिये को प्रथम पुरस्कार दिया गया। रेलवे ग्राउंड में नगर क्षेत्र बड़ी मस्जिद चौक, हतवा, नुरीगंज बाजार, हरिकीर्तन मुहल्ला व देहात क्षेत्र के चांदपार, मिश्रौली, बरसात, परसौनी, भरहेचौरा आदि जगहों से ताजिया पहुंचा था। अधिकारियों की टीम ने सभी ताजियों का निरीक्षण किया। इसके बाद नगर स्थित बड़ी मस्जिद के पास रखी ताजिया को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
मोहर्रम में करतबबाजों ने दिखा
मईल। मोहर्रम पर्व क्षेत्र के विभिन्न गांवों से ताजिया जुलूस के साथ मनाया गया। मईल चौराहे पर पहुंचे युवाओं ने अपने करतब दिखाए। मईल, सोनबरसा, नरियाव, पिपरा बांध, पिपरा दवन, बगही, बिसौली गांव का ताजिया जुलूस के साथ चौराहे पर पहुंचा। बगही गांव के ताजिया की ऊंचाई 21 फीट होने के कारण चौराहे पर रास्ते में पेड़ का टहनी होने के कारण कुछ समय तक जुलूस रुका रहा। इसके अलावा तेलिया कला, पनिका बाजार, अंडिला, भटौली आदि गांव में भी मोहर्रम पर्व मनाया गया। संवाद
कड़ी सुरक्षा के बीच कर्बला में ताजिए दफन
सलेमपुर/लार। दोनों नगर क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व मंगलवार को अकीदत के साथ संपन्न हो गया। दोपहर बाद या हुसैन, का नारा लगाते हुए लार थाना के समीप कर्बला पर पहुंचे। जहां युवाओं ने खलीफाओं की मौजूदगी में हैरतअंगेज करतब दिखाए। इसके बाद क्रम से ताजियाओं का मिलान करा दफन किया गया।
सुरक्षा के लिहाज से डेढ़ सेक्सन पीएसी, तीन थाने की फोर्स समेत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी, सीओ देव आनंद प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह भ्रमणशील रहे। जुलूस की ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। कस्बा सलेमपुर नवलपुर में रखे ताजियाओं का मिलान कस्बा के कर्बला में कराया गया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक नवीन मिश्रा मय फोर्स मौजूद रहे। वहीं, मेहरौना के फत्तेहबाग पिंडी के कर्बलाओं में भी ताजिया मिलान के बाद दफन कराया गया।
परंपरागत तरीके से मनाया गया मोहर्रम
तरकुलवा। मोहर्रम का त्यौहार परंपरागत तरीके से मनाया गया। दोपहर बाद क्षेत्र के सोहनरिया, सोन्हुला रामनगर, गंगाधर बाबा स्थान और बाबूपट्टी चौराहे पर मेले का आयोजन किया गया। अंत में ताजियादारों ने सेहरा, फूल व अन्य वस्तुएं विधि विधान से कर्बला में दफ़न किया। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे।