मेडिकल कॉलेज में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन मुफ्त में होना है। पर हालत यह है कि दवा और चश्मा का इंतजाम नहीं है। इसके लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है और बाहर से खरीदना पड़ रहा है। इससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है।
सरकार की ओर से राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज सहित चार सरकारी अस्पताल में नेत्र रोगियों का परीक्षण कर मोतियाबिंद के मरीज चिह्नित किए जाते हैं। उनका निशुल्क ऑपरेशन कर डॉक्टर मरीजों के आंखों की रोशनी वापस लौटाने का कार्य करते हैं। पर सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में लेंस न होने के कारण करीब 22 दिन तक ऑपरेशन ठप था। लेंस आने पर 17 मई को ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन ऑपरेशन से पहले आंख में डालने वाला टीआरपी ड्राॅप, एंटीबायोटिक ड्राॅप, सूजन कम करने का ड्राॅप, एसआइसीएस ब्लेड मरीजों व तीमारदारों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। वहीं ऑपरेशन के बाद लगाने के लिए काला चश्मा भी लेना पड़ रहा है, इन्हें खरीदने में एक मरीज को करीब 800 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। जबकि यह सब निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। यहीं हाल सीएचसी सलेमपुर, बरहज, तरकुलवा ऑपरेशन सेंटर का भी है।
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ऑपरेशन का डॉक्टर को मिला है लक्ष्य
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत नेत्र सर्जन को वार्षिक लक्ष्य दिया गया है। इसमें मेडिकल कॉलेज के डॉ. कन्हैया प्रसाद, जिला अस्पताल के डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. एसके सिंह, सीएचसी सलेमपुर के डॉ. अजित सिंह, बरहज के बीएन यादव व डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव को 1071 आपरेशन करना है।
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- मोतियाबिंद का आपरेशन कराने इस बार परेशानी हो रही है। दवा व चश्मा बाहर से लाना पड़ा है। जबकि डेढ़ साल पहले भी एक आंख का आपरेशन कराया था तब सब मुफ्त में मिला था।
गंगा राम शर्मा, सोहगरा
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- मेेडिकल कॉलेज आंख का आपरेशन पर खर्च नहीं करना पड़ता है। यह सोचकर आया, लेकिन यहां ड्राप व अन्य कुछ सामान खरीदना पड़ा है, जिससे परेशानी हो रही है। पर ऑपरेशन कराना है। हृदया पांडेय, विजयीपुर
जल्द उपलब्ध हो जाएगी दवा
- बजट की कमी के कारण दवा और चश्मा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे मोतियाबिंद के आपरेशन में मरीजों को कुछ दिक्कत हो रही है। अब पैसा आ गया है। जल्द सभी सामान आ जाएंगे।
डॉ. राजेश झा, सीएमओ