प्रतापपुर चीनी मिल परिसर में सोमवार को बजाज शुगर इण्डस्ट्रीज ग्रुप के जोनल एचआर हेड प्रभाकर चन्द्रा ने मिल चलाने की घोषणा की। मिल चलाने की घोषणा से लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस मौके पर मिल कर्मचारी समेत इलाके के किसान मौजूद रहे। बताते चलें गन्ना किसान और मिल के कर्मचारी कई महीनों से चीनी मिल के संचालन की मांग कर रहे थे। इस मसले पर उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त अजय कुमार सिंह ने चीनी मिल मालिकों के साथ 21 सितंबर को सुनवाई बैठक की थी । बैठक के बाद आठ अक्टूबर में जारी अपने आदेश में आयुक्त ने प्रतापपुर (देवरिया), वाल्टरगंज (बस्ती) , गागनौली (सहारनपुर) और बलरामपुर समूह की खलीलाबाद (संतकबीरनगर) के मिल प्रबंधन को आगामी पेराई सत्र (2015 -16) में चीनी मिलों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा था। ऐसा न होने पर संबंधित चीनी मिलों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। जोनल एचआर हेड ने बताया कि प्रतापपुर चीनी मिल पूर्व की तरह इस साल भी अपना पेराई सत्र शुरू करेगी। बीच में कुछ व्यवधान आ गया था। जिसके चलते मिल को बंद करने की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि मिल के सभी कर्मचारी और अधिकारी काम करते रहेंगे। जिन 186 मिल कर्मचारियों के वीआरएस की कार्रवाई शुरू हुई थी। उनके खाते में भेजी रकम वापस की जाएगी। मिल के सभी कर्मचारी जिस वेतन पर काम कर रहे थे, उसी पर काम करेंगे। इस मौके पर मौजूद विधायक आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि वह पहले से कहते चले आ रहे थे कि मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता हो चुकी है, इसलिए मिल चलेगी पर लोगाें को विश्वास नहीं हो रहा था। पूर्व विधायक योगेंद्र सिंह सेंगर ने मिल चलाने की घोषणा की सराहना की। इस मौके पर केन यूनियन चेयरमैन प्रतिनिधि राजू सिंह, जय प्रकाश पाण्डेय, यूनिट हेड डॉ. आर एन त्रिपाठी, एचआर हेड एके उपाध्याय आदि मौजूद रहे।