खुखुंदू। क्षेत्र के नूनखार मकुनही गांव के चिकित्सक दुर्गेश त्रिपाठी की कानपुर में मौत हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बृहस्पतिवार रात मौत हो गई। वह एमबीबीएस करने के बाद एमडी की तैयारी कर रहे थे। जज रहे पिता की भी करीब चार साल पहले कानपुर में मौत हो गई थी। दुर्गेश परिवार के इकलौते बेटे थे। खुखुंदू थाना क्षेत्र के नूनखार मकुनही गांव निवासी दुर्गेश त्रिपाठी (32) के पिता श्याम नारायण त्रिपाठी जज थे। वह पत्नी सुमित्रा देवी, बेटे दुर्गेश त्रिपाठी और बेटी गुड़िया के साथ कानुपर में ही रहते थे। करीब चार साल पहले उनकी मौत हो गई। पिता के जगह बेटी गुड़िया की नौकरी लग गई। दुर्गेश एमबीबीएस करके कुछ समय तक मेडिकल कॉलेज में डाक्टर थे। फिर नौकरी छोड़कर एमडी की तैयारी करने लगे। बताया जा रहा है कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और सांस लेने में दिक्कत हुई तो परिजन आईसीयू में भर्ती कराए।