पूरी होगी शहरवासियों की आस, बनेंगे दो बाईपास
महायोजना-2031 में 532 आपत्तियां, सुझाव आए, पांच माह बाद दिखेगा धरातल पर काम
निराकरण में जुटा विभाग, खामियां होंगी दूर, लोगों की भी मानी जाएगी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विनियमित क्षेत्र की महायोजना 2031 दिसंबर के बाद शहर में लागू होनी है। इसका खाका बनकर तैयार हो चुका है। इसकी खामियों को दूर करने के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। करीब 532 लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी है। इस पर जिम्मेदार मंथन कर रहे हैं। इसमें दो बाईपास सड़कों के जरिए शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने की योजना है। इसकी जिम्मेदारी कोलकाता की एक कंपनी को प्रदेश सरकार ने सौंपी है।
महायोजना 2031 के मांगे गए सुझाव और आपत्तियों के निराकरण पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कुल 532 आपत्तियां और सुझाव आए हैं। इसमें शहरवासियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के अनुरूप महायोजना के प्रारूप को अंतिम रूप देकर तैयार कराया गया था। इसे 4.50 लाख शहरी आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें साढ़े चार हजार हेक्टेयर भू-क्षेत्र शामिल किया गया है।
बीते 17 मई से 17 जून तक नगर पालिका में देवरिया महायोजना-2031 (मास्टर प्लान) के प्रारूप की प्रदर्शनी लगाई गई थी। उक्त अवधि में आपत्ति और सुझाव मांगे गए थे। विनियमित क्षेत्र कार्यालय में भी आपत्ति और सुझाव लेने की प्रक्रिया हुई है। अब इसके निराकरण के बाद महायोजना के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा।
71 राजस्व गांवों में भवन निर्माण के लिए बनवाना होगा मानचित्र
देवरिया। विकसित क्षेत्र का दायरा बढ़कर इस समय शहर के पास स्थित गांवों तक पहुंच गया है। मास्टर प्लान के दायरे में 71 राजस्व गांव हैं। यहां पर तेजी से आबादी बढ़ रही है पर सुविधाओं का अभाव है। अनियोजित विकास के कारण विवाद भी हो रहा है। कहीं सड़क के लिए तो कहीं पर नाबदान के पानी को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है। जबकि नियम है कि आबादी वाले क्षेत्रों में भवन निर्माण छह फीट छोड़कर कराया जाए। एक मकान से दूसरे मकान की दूरी भी अविकसित क्षेत्र में तय है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
बाईपास मार्ग
देवरिया। महायोजना में बैतालपुर से रुद्रपुर जाने वाले मार्ग तक और बैतालपुर से कसया मार्ग तक दो बाईपास सड़कों का निर्माण कराया जाना है। साथ ही 34 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, नए पार्कों, आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक भवन, औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है।
कोट
टाउन प्लानर आपत्तियों और सुझाव को लेकर मंथन कर रहे हैं। आपत्तियों के निराकरण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-सौरभ सिंह, एसडीएम सदर