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Deoria News: लंपी तो मचा ही रहा कोहराम, खुरपका-मुंहपका भी लेने लगा पशुओं की जान

Mon, 04 Sep 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जनपद में लंपी वायरस के साथ ही अब खुरपका-मुंहपका संक्रमण का भी प्रकोप फैलने लगा है। शनिवार को देसही देवरिया ब्लाॅक के पिपरा मदन गोपाल गांव में गिरीश सिंह की गाय की मौत खुरपका-मुंहपका से हो गई। पशुपालन विभाग के चिकित्सक लंपी वायरस से गाय की मौत का अंदेशा जता रहे हैं। जबकि इलाज कर रहे प्राइवेट चिकित्सक ने पशुपालक से खुरपका होने की बात बताई। गांव के अन्य पशुपालकों का कहना है कि इस साल खुरपका का टीका पशुओं को नहीं लगाया गया है। इसकी वजह से यह संक्रमण भी प्रभावी रूप ले रहा है।
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24 अगस्त से जिले में लंपी वायरस के केस मिलने शुरू हुए। पशुपालन विभाग ने अभी तक सिर्फ एक गाय की लंपी से मौत की पुष्टि की है। जबकि हर दूसरे दिन कहीं न कहीं पशु मर रहे हैं। करीब डेढ़ सौ गांवों में लंपी का संक्रमण फैल चुका है। पांच सौ से अधिक पशु संक्रमित हैं। बरवा मानसिंह गांव के कन्हैया सिंह की गाय की मौत भी रविवार को हो गई। दो दिन पहले इसी गांव के संजय यादव के गाय की मौत हो चुकी है। संजय यादव ने बताया कि उनकी गाय की मौत के बाद भी गांव में न डाक्टर आए, न टीकाकरण हो रहा। कन्हैया सिंह ने बताया कि आज उनकी गाय मर गई। उसकी बछिया भी चपेट में है। प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। देवरिया से दवा खरीद कर ला रहे थे। गायों के मौत के बाद भी न कोई डाक्टर आ रहे हैं न टीकाकरण हो रहा है। इसके अलावा भी गांव में 10 और पशु संक्रमित हैं।
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जरूरत 4.32 लाख डोज की, मिला तीन हजार
पशु पालन विभाग को लंपी वायरस को रोकने के लिए विभाग से टीका नहीं मिल पा रहा है। जिले में गाेवंश व महिषवंश मिलाकर 4.66 लाख पशु हैं। इनमें 30 हजार पशुओं को पूर्व टीका लगाया जा चुका है। शेष 4.32 लाख पशुओं के टीकाकरण की आवश्यकता है। इसके मुकाबले रविवार को तीन हजार डोज ही पशुपालन विभाग को मिल पाया। हर गांवों में पशुपालक टीकाकरण की मांग कर रहे हैं। चिकित्सक समझ नहीं पा रहे कि किस गांव में जाएं, किस गांव में नहीं।
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10 माह से नहीं लगा खुरपका-मुंहपका का टीका
जिले में पशुओं को 10 माह से खुरपका-मुंहपका का टीका नहीं लगा है। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल नवंबर माह में खुरपका-मुंहपका का टीका लगाया गया था। फिलहाल अभी यह टीका उपलब्ध नहीं हो पाया है।
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बोले पशु पालक:

मेरी गाय कई दिनों से बीमार है। लंपी वायरस जैसे लक्षण दिख रहे हैं। कोई सरकारी दवा या चिकित्सा सेवा नहीं मिल रही। महुआडीह चौराहा से एक प्राइवेट चिकित्सक से होम्योपैथिक इलाज करा रहे हैं।- अनुज सिंह, मठिया।
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मेरी गाय नौ दिनों से बीमार थी। खुर व मुंह पक गया था। पशु चिकित्सालय से कोई चिकित्सक नहीं आया। प्राइवेट चिकित्सक को बुलाया तो उन्होंने बताया कि आपकी गाय को खुरपक्का व मुंहपका हो गया है। शनिवार को गाय मर गई। - गिरीश सिंह, पिपरा मदन गोपाल।


वर्जन:
लंपी वायरस पशुओं में फैलता जा रहा है। पशुपालकों से साफ-सफाई रखने की अपील की जा रही है। रविवार को तीन हजार टीका का डोज शासन से मिला है। जल्द ही और डोज मिल जाएगी। चिकित्सक मौके पर जाकर प्रभावित पशुओं का इलाज कर रहे हैं।- एके वैश्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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