देवरिया। जिले में रसोई गैस की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। गैस सिलिंडर का बैकलॉग एक लाख के आंकड़े को पार कर गया है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। बुकिंग के पखवाड़े भर बाद भी उपभोक्ताओं को रिफिल सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है। जिले में सबसे अधिक बैकलॉग इंडेन गैस का है। इंडेन के वितरण केंद्रों पर 50000 से अधिक की संख्या में बुकिंग पेंडिंग है। भारत गैस और एचपी के उपभोक्ताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है। यहां 45 दिन बाद बुकिंग और डिलीवरी में 15 दिन लगने के चलते लगभग 60 दिन पर एक रिफिल सिलिंडर मिल रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। शहर से लेकर देहात तक गैस एजेंसियों के वितरण प्वाइंट पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।