देवरिया। रायबरेली की एनटीपीसी यूनिट में तकनीकी खामी से प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति का संकट बना रहा। शनिवार की देर रात रसड़ा ट्रांसमिशन में 500 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इससे देवरिया-मोतीराम अड्डा ट्रांसमिशन से जुड़े बिजली उपकेंद्र प्रभावित रहे। जिले वासियों को उमस भरी गर्मी से जूझकर दिन बिताना पड़ा। इस फीडर की बिजली काटकर उस फीडर को दी जाती रही।
दिनभर लो वोल्टेज तो कहीं फाल्ट की समस्या से लगभग पूरे शहर की बिजली व्यवस्था चौपट रही। रविवार की रात सिविल लाइंस रोड पर पथ प्रकाश की लाइटें टिमटिमा रहीं थीं। पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से एसी काम नहीं कर रहे थे। पंखे रेंग रहे थे। स्टेबिलाइजर से खटखट की आवाज आ रही थी। इस तरह की समस्या पिपरपाती, बड़हरा, रामगुलाम टोला पूर्वी, दानोपुर समेत 15 से 20 मोहल्लों में देखने को मिली। बिजली निगम के कर्मियों का कहना था कि लो वोल्टेज की समस्या अत्यधिक लोड बढ़ने के कारण आ रही है। वहीं गायत्रीपुरम, रामनाथ देवरिया दक्षिणी, देवरिया खास मोहल्ले में फाल्ट होने से आठ से 10 घंटे लोगों को बिना बिजली के दिन गुजारना पड़ा। नाथनगर में रामअवध यादव की गली में सुबह आठ बजे से बिजली गुल थी।
बड़हरा निवासी मोहन गोंड ने बताया कि जबसे उमस बढ़ी तबसे लो वोल्टेज के कारण इनवर्टर तक चार्ज नहीं हो पा रहा है। स्टेबिलाइजर काम ही नहीं कर रहा है। दानोपुर निवासी विरेंद्र सिंह ने बताया कि यहां हर एक दो दिन पर फाल्ट की समस्या आ रही है। लो वोल्टेज बिजली करीब एक माह से मिल रही है। गायत्रीपुरम निवासी गोविंद मौर्या ने बताया कि सुबह सात बजे ट्रांसफार्मर के पास फाल्ट हुआ था। चार बजे बिजली आई है।
रायबरेली की एनटीपीसी यूनिट में तकनीकी खामी का जिले में ज्यादा असर नहीं हुआ है। सभी उपकेंद्रों के फीडर सामान्य दिनों की तरह चले हैं। लो वोल्टेज की समस्या ट्रांसफार्मर से अधिक दूरी वाले उपभोक्ताओं को हुई है। - रामसेवक राम, एक्सईएन बिजली निगम