बरहज के बरांव रामलीला में धनुष का खंडन करते प्रभु श्रीराम
बरहज। क्षेत्र के बरांव में आदर्श रामलीला नाट्य समिति और गांव के पात्रों ने धनुष यज्ञ का मंचन किया। तत्पश्चात लक्ष्मण-परशुराम संवाद होता है। जिसे देख दर्शक भाव-विभोर हो उठते हैं।
लीला में सर्वप्रथम भगवान के सुंदर झांकी की आरती की गई। तत्पश्चात सीता स्वयंवर में राजा-महाराजा अपने-अपने उचित आसन पर विराजमान होते हैं। सभी एक साथ मिलकर धनुष तोड़ने का प्रयत्न करते हैं। लेकिन विफल रहते हैं। अंत में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम, शिवधनुष का खंडन करते हैं। धनुष के टूटते ही जयघोष से पांडाल गुंजायमान हो जाता है। मौके पर अमन पांडेय, आयुष, कल्यान पांडेय, निशेष, झिनकू पांडेय, विवेका आदि मौजूद रहे। संवाद