-सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका में शामिल किए गए हैं 23 गांव
-नगर में पेयजल योजना से वंचित हैं 10 हजार से अधिक परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका का सीमा विस्तार हुए एक साल बीत गए हैं, लेकिन नए शहरवासियों को अभी तक पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल सका है। नगर पालिका प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। आज भी दस हजार से अधिक परिवार के लोग देसी नल का उपयोग कर रहे हैं। कुछ गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइप बिछाई जा रही है, जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। शहर का तमगा लेने वाले 23 गांव के लोगों को आज भी गांवों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
नगर पालिका परिषद के विस्तार में 23 गांवों को शामिल किया गया है। इससे करीब 52 हजार नगर पालिका की आबादी बढ़ गई। अभी तक शहरी क्षेत्र में शामिल गांवों में पेयजल पाइप योजना नहीं पहुंच सकी है। कुछ गांवों में पहले से जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल के लिए पाइप बिछाई जा रही है। अभी तक पेयजल आपूर्ति नगर पालिका प्रशासन की ओर से मयस्सर नहीं हो सकी है। नगर पालिका परिषद कार्यालय और सभासदों तक बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए शिकायतें पहुंच रही हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। दानोपुर, पिपरपाती, कतरारी समेत शहर में शामिल गांवों में पेयजल पाइप योजना नहीं पहुंच सकी है।
-
बिना पानी दिए वसूलते हैं जलकर
शहर में शामिल गांव वालों का कहना है कि जलकर, गृहकर की वसूली नगर पालिका प्रशासन कर रहा है। करीब एक साल पूर्व शामिल हुए गांवों में स्ट्रीट लाइट नहीं लग सकी है। शहर जैसी अभी कोई सुविधाएं नहीं मिल रही है। जो गांव में विकास हुआ है वह शहरी क्षेत्र में शामिल होने से पहले का है।
पुराने शहरी वार्ड में तीन हजार को नहीं मिला पानी का कनेक्शन
पुराने शहरी वार्डों में अभी तीन हजार से अधिक लोग पेयजल योजना से वंचित हैं। इनके घरों तक अभी पेयजल का कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। इसकी भी शिकायत नगर प्रशासन तक पहुंच रही है, लेकिन ढाई करोड़ की लागत से नगर पालिका शहर के पुराने वार्डों में वंचित लोगों के घरों तक पेयजल पाइप योजना पहुंचाने की तैयारी में है।
सीमा विस्तार में शामिल हुए हैं यह गांव
नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद तिलई बेलवा, परसिया उर्फ खरजरवा, डंभर उर्फ जटमलपुर,पगरा उर्फ परसिया, बरवां गोस्थान, बड़हड़ा, चिंतामन चक, पिपरपाती, गोबराई खास, मेहड़ा नगर बाहर, धनौती खुर्द, मूड़ाडीह, सकरापार, देवरिया खास, बभनी नगर बाहर, रामपुर खुर्द, भीमपुर, पिड़रा,रघवापुर, कतरारी, दानोपुर, सोंदा, कठिनईया शामिल किए गए।
नगर पालिका के सीमा विस्तार में जुड़े 23 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पाइप योजना का काम होगा। इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। कुछ माह पूर्व सात करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। बहुत जल्द शहर के पुराने वार्डों के लिए पेयजल पाइप योजना के तहत ढाई करोड़ का टेंडर होने वाला है। इससे करीब तीन हजार घरों तक पानी पहुंच सकेगा। शहर में शामिल हुए 23 गांवों में भी विकास के लिए योजना बन रही है।
-रोहित सिंह, नगर पालिका परिषद, ईओ देवरिया
-
नगर में शामिल सोंदा में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने का काम हो रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर मोहल्लेवासी सड़क किनारे पाइप डालने से रोक रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क तक जमीन है, इसके कारण पाइप नहीं डालने देंगे। सभासद शिवानंद मिश्र ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है।
शहरी क्षेत्र में जब गांव शामिल हुआ तो लगा कि शहर जैसी सुविधाएं अब मुहैया होगी। करीब एक साल बाद भी कोई विकास गांव में नहीं हुआ। आज भी हम लोग देसी नल का पानी पीते हैं। बाहर से आगर मोहल्ले में बहुत से लोग गांव बनाए हैं, जो अपने घरों में आरओ लगा रखे हैं बहुत लोग बोतल का पानी खरीदकर पीते हैं।
-कमला प्रसाद दानोपुर
-
शहर के नाम पर कोई सुविधा नहीं मिल रही है। चुनाव के समय पेयजल,लाइट और नाली जैसी सुविधाएं देने का वादा लोग किए। चुनाव बीतने के बाद इस पर कोई चर्चा नहीं होती। पेयजल पाइप योजना शुरू हो जाती तो लोगों को काफी सहूलियत मिलती। देसी नल का पानी पीना मजबूरी है, इससे बच्चे बीमार भी पड़ते हैं।
-शिवनरायण दानोपुर
कठिनईया गांव तो शहर में शामिल हुआ, लेकिन अभी तक पानी की सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी। इसकी वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 600 रुपये महीने पानी खरीदने पर खर्च होता है। कई बार नगर पालिका कार्यालय में इसकी शिकायत किया। सिर्फ आश्वासन मिला,अभी तक पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।
-सत्यदेव कुमार, कठिनाईया
-
शहर में गांवों के शामिल होने के बाद विकास की गत तेज होनी चाहिए। लेकिन अभी तक पेयजल पाइप योजना घरों तक नहीं पहुंच सका। इसे नगर प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। इससे पीने के लिए शुद्ध पानी तो मस्सर होता। मोहल्ले में विकास के नाम पर कोई विकास अभी तक नहीं हुआ है। इस पर चेयरमैन को भी ध्यान देना चाहिए।
-हरिओम लाल कठिनईया
बोले मोहल्लेवासी
जब अमृत योजना से पाइप लाइन का विस्तार हो रहा था तब हम लोगों ने कनेक्शन की मांग की थी। उस समय कहा गया कि काम चल रहा है सबको पेयजल कनेक्शन दिया जाएगा। कुछ दिन बीतने के बाद पता चला काम पूरा हो गया है।
- प्रदीप कुमार, शिवपूरम्।
-
सड़क के उस पार घरों में पेयजल कनेक्शन दिया गया है। इस पार कनेक्शन नहीं है। यही हाल बाकी जगहों पर भी है। पेयजल पाइप परियोजना का काम शहर में आधा अधूरा हुआ है। ऐसे में नगर पालिका के कर्मचारी गृहकर के साथ जलकर भी मांगने आते हैं। यह कहां का न्याय है। - -उमेश गुप्ता, शिवपूरम्।
शहर में अमृत योजना के तहत दो फेज में काम हुए हैं। 13816 घरों में पेयजल कनेक्शन दिया गया है। अब वह योजना पूरी हो चुकी है। जो भी परिवार वंचित हैं उन्हें नहीं योजना से ही संतृप्त किया जा सकता है।
- पीके गौतम, एक्सईएन जल निगम शहरी।