30 वर्ष बाद सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला, जुर्माना भी लगा
कुशीनगर जिले के कसया थाना के कनखोरिया गांव का रहने वाला है आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में चाकू से गोदकर की गई हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर शनिवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने दोषी प्रभुनाथ शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए पांच हजार का अर्थदंड लगाया।
अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह ने बताया कि तरकुलवा थाना क्षेत्र के महुआ पाटन गांव निवासी इंद्रदेव और कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के कनखोरिया गांव निवासी प्रभुनाथ शर्मा शहर के भीखमपुर रोड पर किराए की मकान में रहते थे। दोनों के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कुछ दिन पूर्व विवाद हो गया था। इसी रंजिश में प्रभुनाथ शर्मा और गरूड़पार मोहल्ला निवासी इनके सहयोगी अख्तर हुसैन 9 जून 93 की रात 8 बजे इंद्रदेव के बेटे कृष्ण कुमार को घेरकर शहर के अमर ज्योति चौराहा पर चाकू से गोदकर हत्या कर दिया था।
इंद्रदेव की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। उभय पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने आरोपी प्रभुनाथ शर्मा को हत्या के मामले में दोषी पाया और दूसरे आरोपी अख्तर हुसैन की पुलिस विवेचना के दौरान मौत हो चुकी है। सजा सुनाने के बाद अदालत ने आरोपी प्रभुनाथ शर्मा को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।