संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तरकुलवा थानाक्षेत्र के बाबूपट्टी चौराहे पर शुक्रवार की देर शाम चाकू गोंद कर सैफ अली की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। चौराहे की दुकानों के शटर बंद पड़े थे। हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। शव दफनाए जाने के बाद रविवार को जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट आई है। दुकानें खुल रही हैं। पर पुलिस तैनात है।
तरकुलवा थाना क्षेत्र के बाबूपट्टी में सैफ अली की हत्या के बाद मामला दो समुदायों का होने के कारण वहां तरकुलवा, बघौचघाट थाने के साथ ही पुलिस लाइन के सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए थे। इस बीच पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की रात्रि आठ बजे के करीब जब मृतक सैफ का शव गांव पहुंचा तो भारी संख्या में ग्रामीण व इलाके के लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों से शव को दफनाने से इंकार कर दिया। परिजन हत्यारोपी शुभम की मां और उसे अपने घर में छिपाने वाली महिला का नाम केस में शामिल करने और परिवार को बीस लाख का मुआवजा दिलाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठ गए। क्षेत्राधिकारी श्रीयश त्रिपाठी के काफी मान मनव्वल के बाद परिजन माने और शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए राजी हो गए। इसके बाद देर रात्रि में जनाजे की नमाज अदा करने के बाद सैफ के शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। रविवार को बाबूपट्टी चौराहे की दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगीं। गांव की सड़क पर चहलकदमी दिखी। एक बार फिर से माहौल पटरी पर लौटने लगा। हालांकि तरकुलवा थाने की पुलिस एहतियात के तौर पर तैनात है।