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- सात जून को परीक्षा के दौरान नकल करने पर हुई थी रस्टीकेट, छात्रा का आरोप- साजिश के तहत फंसाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ‘‘मैंने विधि विभाग में कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं होने एवं पुस्तकालय की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत कई बार प्राचार्य से की थी, लेकिन समस्या को दूर करने की बजाय हर बार उसे डांट कर भगा दिया गया। इसी कारण विधि की परीक्षा के दौरान विद्वेष वश उसे फंसा कर रस्टीकेट कर दिया गया।प्राचार्य कहते हैं कि वह उसकी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। यह मेरे जीवन का सवाल है कृपया मुझे न्याय दिलाएं।’’
यह कहना है संत विनोबा पीजी कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा अनीता सिंह का। यह गंभीर आरोप लगाते हुए छात्रा ने प्राचार्य की शिकायत गोरखपुर विश्वविद्याल की कुलपति प्रो. पूनम टंडन व परीक्षा नियंत्रक से की है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को दिए शिकायती पत्र में छात्रा ने आरोप लगाया है कि सात जून को विधि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान विभाग की ही एक शिक्षिका के इशारे पर गलत तरीके से उसके टेबल के नीचे एक कागज का टुकड़ा फेंक दिया गया। जांच के दौरान नकल रोकने के लिए गठित टीम ने मेरी सीट के नीचे इसे पाया और कॉलेज के प्राचार्य की ओर से उसे रस्टीकेट कर दिया गया। उससे जबरदस्ती रस्टीकेट फाॅर्म पर हस्ताक्षर करा लिए गए। विरोध करने पर प्राचार्य ने जिंदगी बरबाद करने की धमकी दी है। ऐसे में वह काफी डरी हुई है।
संबंधित छात्रा को विधि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसका वीडियो फुटेज भी कॉलेज के पास मौजूद है। इसे और छात्रा की कॉपी के साथ चिट को नत्थी करके यूनिवर्सिटी को भेज दिया गया है। अब इस मामले में यूनिवर्सिटी को ही फैसला करना है। छात्रा ने जो आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत हैं। वह विधि विभाग के विभागाध्यक्ष के इशारे पर ऐसा कर रही है। इसका स्क्रीनशाॅट भी उनके पास मौजूद है। कॉलेज के विधि विभाग के अध्यक्ष की अनुशासनहीनता के लिए उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।
...प्रो.अर्जुन मिश्र, प्राचार्य, संत विनोबा पीजी कॉलेज