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Deoria News: भूमि चिह्नित पर नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा विंग का निर्माण

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ट्रामा सेंटर के लिए चिन्ह्त जमीन। संवाद - फोटो : DEORIA
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भूमि चिह्नित पर नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा विंग का निर्माण
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करीब पचीस करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला बनना है सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है। सेंटर के स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। करीब पचीस करोड़ की लागत से तीन मंजिले ट्रॉमा सेंटर परियोजना का धन आवंटित न होने से लटका है। इसके शुरू होने से मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा न होने से लोगों को दिक्कत होती है।
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मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की हरी झंडी दी। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर भेजा। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद परिसर में मानक के अनुरूप भूमि चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी के सामने 1393 वर्ग मीटर के एरिया में स्थापित होना है। सेंटर तीन मंजिला होगा। भूमि तल के बाद प्रथम तल 1361 तथा द्वितीय तल 1172 वर्ग मीटर में होगा। यहां सोलर पॉवर जेनरेटर सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, रेन कटर हार्वेस्टिंग, अंडर ग्राउंड सीवर की व्यवस्था होगी। यहां पर स्थापित पुराने भवन को ध्वस्त कर समतलीकरण कर दिया गया है।
अब धन का इंतजार है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द धन उपलब्ध हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट मिलते ही कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य शुरू कर देेगी। इसके बन जाने से गंभीर रूप से घायल व अन्य गंभीर मरीजों, आग से झुलसे तथा प्वाइजनिंग के गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
ये होंगी सुविधाएं
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में एल-वन कटेगरी का ट्रॉमा सेंटर स्थापित होगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें कुल 70 बेड होंगे, जिसमें ट्रॉमा, बर्न तथा टॉक्सीकोलॉजी वार्ड होंगे। ट्रॉमा में सबसे अधिक तीस बेड, जबकि अन्य दोनों वार्डों में बीस-बीस बेड की सुविधा होगी। यहां ऑपरेशन थियेटर, माइनर ओटी, मेडिकल पाइपलाइन, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, इंफ्यूजन पंप, मानीटर सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण होंगे। बर्न वार्ड पूर्ण रूप से वातानुकूलित होगा। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा दक्ष पैरा मेडिकल व स्टाफ नर्स मौजूद रहेंगी।
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कोट
मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाना है। इसके लिए जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रशासनिक वित्तीय की स्वीकृति की प्रक्रिया हो रही है। बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके बन जाने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी।
-डॉ. राजेश कुमार बनरवाल, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
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