मेडिकल कॉलेज में पेट दर्द का इंजेक्शन न होने से कराह रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी है। इसके कारण मरीजों को ओपीडी में दिखाने के बाद बाहरी दवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। जो दवाएं डॉक्टर लिख रहे हैं, उनमें से आधी दवा ही काउंटर से मिल रही है। यहां तक कि मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएएचसी, पीएचसी में भी दवाओं की कमी है। इंजेक्शन, टैबलेट, मरहम-पट्टी की कमी के कारण मरीजों की जेब ढीली हो रही है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार के भी मरीज पहुंचते हैं। इन दिनों गर्मी का मौसम शुरू होने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। तकरीबन हर रोज दो हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
अस्पताल के दवा भंडारण कक्ष में 246 तरह की दवाओं की सूची लगाई गई। इसमें से करीब 70 दवाएं नहीं हैं। इसमें पेट दर्द का इंजेक्शन, शुगर, एलर्जी की दवा लीओसीट्रिजीन, मांटेलुकास्ट, सिट्रीजीन टैबलेट, महिला को लगने वाला ऑक्टोसीम इंजेक्शन के अलावा अन्य दवाओं का अभाव है।
सकरापार निवासी गीता देवी ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दवाएं लिखी थीं, लेकिन दो दवाएं ही अंदर मिली हैं, बाकी बाहर से खरीदनी पड़ेगी। साकेत नगर पूर्वी के मारकंडेय दूबे बताया कि एलर्जी की दवा अंदर नहीं मिली है। इसे बारह से लेने जा रहा हूं। भुजौली कॉलोनी के शाहिद ने बताया कि इमरजेंसी में मरीज को लेकर आया तो पेट दर्द का इंजेक्शन नहीं था। आईटीआई निवासी सुमन देवी ने बताया कि सभी दवा न होने के चलते बाहर की दवा लिखवानी पड़ी है।
इलाज के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में प्रयास के बाद भी पर्ची कटवाने से लगायत डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। हर जगह घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
जनपद के नोडल अधिकारी और जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मरीजों की लंबी लाइन देखकर कई बार आदेश दिया कि इसे लेकर गंभीरता बरती जाए। मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों ने प्रयास तो किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पा रहे हैं। पिछले सप्ताह से कंप्यूटर से मरीजों को पहले पंजीकरण किया जा रहा है। सर्वर की गति धीमी होने के कारण पहले दिन ही व्यवस्था धड़ाम हो गई। इसके कारण फिर से मैन्युअल पर्ची काटने का इंतजाम करना पड़ा। इन सभी के बावजूद पर्ची काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लग रही है। सुबह नौ बजे पहुंचने पर एक घंटे बाद बारी आने पर पर्ची कट रही है। इसके बाद ओपीडी व दवा काउंटर पर भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
कोट
अस्पताल में जिन दवाओं की कमी है, उसकी आपूर्ति ड्रग वेयर हाउस से नहीं हुई। उन दवाओं को मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है। कंप्यूटर से पर्ची कटवाने के लिए काउंटर की संख्या अभी कुछ दिन पहले बढ़ाई गई है। दवा काउंटर पर संख्या अधिक होने के कारण असर पड़ रहा है। प्रयास है कि मरीजों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
-डॉ. एचके मिश्र, सीएमएस