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पत्नी के साथ रेलकर्मी ने गोरखपुर रेलवे डेयरी कॉलोनी में फंदे से लटककर की थी खुदकुशी
पिता बेटी-बेटा को करता था प्यार, इससे नाराज रहती थी सौतेली मां
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। दस वर्षीय कृष्णा ने आखों में आंसू लिए बुधवार की सुबह काली चरण घाट पर सौतेली मां और पिता को एक साथ मुखाग्नि दी। यह देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं।
सोमवार की रात किसी बात को लेकर कृष्णा की सौतेली मां और पिता ने गोरखपुर के शाहपुर इलाके की रेलवे डेयरी कॉलोनी में फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि, पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के भेड़िया चेरो गांव निवासी रामकृपाल कुशवाहा (38) रेलवे डेयरी कॉलोनी में रहते थे। 2017 में पिता की जगह आश्रित कोटा से गोरखपुर रेलवे यांत्रिक कारखाना में भर्ती हुए थे। रामकृपाल की पत्नी ममता की 2022 में कैंसर से मौत हो गई। उन्होंने बेटे कृष्ण और बेटी गुनगुन की अच्छी परवरिश के लिए डेढ़ साल पहले खुखुंदू थाना क्षेत्र के मुसैला गांव निवासी रोशनी (29) से शादी कर ली।
बेटे कृष्णा ने बताया कि पापा उसे और बहन को बहुत प्यार करते थे। इसी बात से मां नाराज होती थी। सोमवार की रात 8 बजे पापा मुझे और गुनगुन को अपने एक दोस्त के घर घुमाने लेकर गए थे। लौटते समय पापा ने मुझे और गुनगुन को अच्छे से रहने की सलाह दी। कहा कि अगर कहीं कोई बात हो तो सच्चाई पर खड़ा रहना। करीब 9:30 बजे पिता ने खाना खिलाकर उनको सुला दिया। रात करीब 11 बजे के करीब नींद खुली और पिता के कमरे की तरफ गया तो उन्हें और मां को कमरे में लोहे के पाइप के सहारे फंदा लगाकर लटका देखा। इसके बाद बड़े पापा रामजनम को फोन कर घटना की जानकारी दी।
घटना की खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए और वहां की पुलिस की सहमति से मंगलवार की देर रात दोनों के शव घर लेकर पहुंचे। बुधवार की सुबह भागलपुर काली चरण घाट पर एक साथ पति पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद परिवार के लोग सहमे
मृतक रेलकर्मी रामकृपाल के परिवार के लोग इस घटना को लेकर सहमे हुए हैं। रामकृपाल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। सभी लोग अपने आप को कोस रहे हैं कि अगर रामकृपाल घर रहे होते तो शायद यह घटना नहीं घटी होती। बाहर होने के चलते हम लोगों को कुछ पता नहीं चल पा रहा था कि वहां क्या हो रहा है।