मतदान अधिकारी पूरी तरह से तैयार होकर जीआईसी परिसर स्थित रवानगनी स्थल पहुंचे
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देवरिया। निकाय चुनाव के लिए मतदान अधिकारी बुधवार को पूरी तरह से तैयार होकर अपने साज-ओ-सामान के साथ जीआईसी परिसर स्थित रवानगनी स्थल पर पहुंचे। कोई बैग लिए था तो किसी के हाथ में सूटकेस था। मतदान कराने को लेकर जहां ड्यूटी में लगे कर्मचारियों में उत्साह दिखा। वहीं निकाय चुनाव की ड्यूटी में लगाई गईं कुछ महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर पोलिंग पार्टियों के रवाना होने तक अपना नाम कटवाने की गुहार लगा रही थीं। किसी महिला कर्मी का तर्क था, साहब मेरा बच्चा अभी दो साल का है। मेरे बिना रह नहीं पाएगा। ऐसे में कृपया मेरी ड्यूटी काट दी जाए।वहीं कोई महिला कर्मी कह रही थीं कि उनके बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है। बच्चा छोटा है। कैसे रहेगा मां के बिना। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने ऐसी महिला कर्मियों की नहीं सुनी और अंतत: उन्हें चुनावी ड्यूटी में बच्चा लेकर जाने की अनुमति दे दी गई। आठ नगरीय निकायों में जाने के लिए जीआईसी में मतदान कर्मियों की भीड़ जुटी थी। आरओ टेबल पर सीडीओ रवींद्र कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव श्रीवास्तव, एडीएम वित्त नरेंद्र सिंह आदि ने मतदान कर्मियों की समस्याओं का समाधान किया।
राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के मैदान से सुबह आठ बजे से पोलिंग पार्टियां जुटने लगी थीं। नौ बजते-बजते पूरा मैदान मतदान कर्मियों से खचाखच भर गया। जरूरी प्रपत्र भरने के बाद उन्हें बैलेट पेपर व मतपेटी देकर मतदान स्थल के लिए रवाना होने का निर्देश दिया गया। गर्मी का मौसम होने के कारण अधिकतर कर्मियों के हाथों में पानी की बोतल नजर आई। जैसे-जैसे रवानगी का समय नजदीक आ रहा था, ड्यूटी न कटने वाली महिलाओं के चेहरों पर तनाव नजर आ रहा था। चुनाव ड्यूटी में लगाई गईं जिज्ञासा चौधरी भी दो साल के बच्चे को गोद में लेकर परेशान दिखीं। इसी तरह कई अन्य महिलाएं भी बच्चों को लेकर चिंतित रहीं।
देखिए! मैंने अपना फार्म ढंग से तो भरा है
जीआईसी के मैदान मे टेंट के नीचे जमीन पर बैठकर चुनाव से जुड़े कागजात भरते समय मतदान कर्मी एक-दूसरे को अपना फार्म दिखा रहे थे। साथ ही ये भी पूछ रहे थे कि देखिए! मैंने अपना फार्म ढंग से तो भर लिया है। कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है या कोई कॉलम छूट तो नहीं रहा है। एक-दूसरे से देर तक अपने प्रपत्र मिलवाते रहे। उधर, पोलिंग पार्टियां जब रवाना होने लगीं तब छोटे-छोटे बच्चों की माएं अपने जिगर के टुकड़ों को दुलरा रही थीं। बच्चों से कह रही थीं कि पापा और दादी के साथ अच्छे से रहना। उन्हें परेशान मत करना।
बुधवार को रवानगरी स्थल से किसी का चुनावी ड्यूटी से नाम नहीं काटा गया है। अलबत्ता जो कर्मचारी नहीं आए थे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी कार्मिक/सीडीओ