कालाजार और फाइलेरिया उन्मूलन के प्रशिक्षण का समापन
सोहनपुर। बनकटा पीएचसी पर तैनात मेडिकल स्टाफ के लिए चल रहे कालाजार और फाइलेरिया उन्ममूलन का प्रशिक्षण का समापन हो गया। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. नीरज किशोर पांडेय ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होता है। इसमें दो हफ्ते से ज्यादा बुखार, तिल्ली का बढ़ना, वजन और भूख में कमी, खून में कमी लक्षण दिखते हैं।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसके शुरू में लक्षण नहीं आते है। लक्षण आने में 10 साल से ऊपर लग सकता है। इस बीमारी को एमडीए प्रोग्राम के दौरान सभी को एक साथ दवा खिलाकर नियंत्रण किया जा सकता है। पाथ के डिस्ट्रिक कॉर्डिनेटर देश दीपक सिंह ने कहा कि एमडीए अभियान अगस्त माह में चलेगा। इसमें दवा खाने से होने वाले लाभ के बारे में अभी से लोगों को जागरूक करें। इस दौरान बनकटा पीएचसी, सीएचसी और न्यू पीएचसी के डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, आरबीएसके टीम के सदस्य सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।