एक ही परिवार में दूसरी बार फिर दो लोगों की मौत से अचंभित हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के रैश्री गांव में पिता-पुत्र की मौत को लेकर जहां एक ओर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं, दूसरी ओर परिवारीजनों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए स्वाभाविक मौत बताया है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
परिजनों के अनुसार, पांच वर्ष पूर्व भी मृतक नेपाल यादव की पत्नी गेना देवी तथा उनके बड़े भाई रामकृपाल यादव की पत्नी फुलझड़ी देवी की आकस्मिक मौत इसी तरह एक दिन के अंतराल पर हुई थी।
दोनों के दाह संस्कार के बाद एक साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इस बार भी ऐसा ही हुआ। परिवार में यह दूसरी घटना थी।
परिजनों के अनुसार, 70 वर्षीय नेपाल यादव की एक किडनी खराब थी। उनका उपचार गौरी बाजार सीएचसी से चल रहा था। अपने तीन भाइयों गिरजेश यादव, अजय यादव में सबसे बड़े 48 वर्षीय विजय यादव नेत्रहीन थे। उनका ऑपरेशन एक वर्ष पूर्व उनके मझले भाई अजय यादव ने केजीएमसी लखनऊ में कराया था। लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया। ऑपरेशन के बाद उनके सिर में बहुत तेज दर्द होता था।
परिजनों का कहना है कि रैश्री चौराहे पर आवास में शौचालय बाहर होने के कारण पिता-पुत्र कुछ दिनों से गांव के पैतृक मकान में रहते थे। पुत्र के नेत्रहीन तथा खुद वृद्ध होने के बावजूद पिता उनका सहारा थे। बुधवार को गांव के पैतृक घर में पिता-पुत्र घर में अकेले थे। पिता बरामदे में चौकी पर सो रहे थे। विजय की ओर से बार-बार आवाज देने के बावजूद जब पिता की आवाज नहीं आई तो वह उनकी तलाश करते समीप चौकी पर आकर सो गए।
विजय की पत्नी राजमती देवी तथा पुत्र राहुल जब उनकी तलाश करते यहां पहुंचे तो दृश्य देखकर अवाक रह गए। पिता-पुत्र एक ही चौकी पर मृत हालत में पड़े थे। दोनों के सिर एक दूसरे से विपरीत दिशा में थे। पिता-पुत्र की आकस्मिक मौत की जानकारी होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने देर शाम खरोह चौराहे के मझना नाले के पास एक साथ दोनों की अंत्येष्टि कर दी।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर पुलिस घटनास्थल पर गई थी। पिता पुत्र की मौत को लेकर परिवारीजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी रात में हुई। पुलिस मौके पर भेजी गई थी। पिता-पुत्र की मौत किस कारण हुई, इसका पता नहीं चल पाया। क्योंकि उन लोगाें ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिससे पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।