रेलवे स्टेशन पर उमड़ा परीक्षार्थियों का सैलाब
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के कारण शहर में लगा जाम, वाहनों की लंबी कतार से जूझे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के कारण शनिवार को शहर में अचानक वाहनों की संख्या बढ़ जाने के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। शहर के विभिन्न मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लगने से राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे। गंभीर बात हो यह है कि जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक का खास इंतजाम नहीं किया गया था। पुलिसकर्मियों को जाम हटवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शहर में अचानक परीक्षार्थियों की भीड़ आने के कारण शनिवार को कई बार शहर में रुक-रुक जाम लगता रहा है। आठ बजे से ही शहर में निजी वाहनों की संख्या काफी अधिक देखने को मिली। दोपहर बारह बजे पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद अचानक सिविल लाइंस रोड पर डिवाइडर कट भटवलिया, एसपी आफिस के सामने, बस स्टेशन, कचहरी चौराहा, जिला पंचायत गेट, डीएम आवास, सुभाष चौक और गोरखपुर रोड स्थित ओवरब्रिज के पास जाम लग गया।
यही हाल दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद का रहा। कोतवाली रोड, जलकल रोड, रेलवे स्टेशन रोड, साकेत नगर, न्यू कॉलोनी को जाने वाली सड़कों पर रुक-रुक कर जाम लगता रहा। इन जगहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों को जाम हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
ट्रेनों में जगह नहीं, खूब हुई धक्का-मुक्की
देवरिया। जिले के परीक्षार्थियों का केंद्र वाराणासी और भदोही बनाया गया है। इसके कारण शुक्रवार की रात में रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। सभी को भटनी-वाराणासी रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के आगमन का इंतजार था। रात में चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन आते ही हजारों की संख्या में परीक्षार्थी डिब्बे की तरफ दौड़ पड़े। धक्का-मुक्की करते हुए बैठने की होड़ मची थी। इसके कारण कई की ट्रेन भी छूट गई।
सदर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की शाम से भीड़ जुट गई। सभी ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं, क्योंकि कई जगहों पर चेनपुलिंग की गई थी। सबसे अधिक चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन की चेनपुलिंग की गई। गोरखपुर और देवरिया के बीच में 22 बार चेनपुलिंग कर ट्रेन को रोका गया था।
सदर स्टेशन का हाल यह था कि हजारों की संख्या भीड़ स्टेशन पर रही। परीक्षा देने जा रहे बलराम तिवारी ने कहा कि परीक्षा में कितने कठिन प्रश्न आएंगे यह तो शनिवार को पता चलेगा लेकिन ट्रेन में जगह पाना उससे भी कठिन परीक्षा रही है। प्रद्युमभन चौरसिया ने बताया कि ट्रेन में जगह लेने में पसीना छूट गया। यहां तक कि भोजन भी नहीं मिला है।
रवि त्रिपाठी ने बताया कि पूरी रात जागने के बाद परीक्षा देनी पड़ेगी। अभिनव सिंह ने कहा कि इतनी दूर परीक्षा केंद्र रखना गलत है। मनोज कुमार ने बताया कि बहन की परीक्षा दिलवाने के लिए जाना था, ट्रेन में जगह न मिलने के कारण अब निराश होकर घर लौट रहा हूं।
इसी तरह बैतालपुर निवासी सविता ने बताया कि ट्रेन में इतनी भीड़ है कि अब हिम्मत नहीं कर रही है, जाने के लिए। रघवापुर की अनामिका का अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन में आरक्षण था, जिसे रात में दस बजे सदर रेलवे स्टेशन पर आ जाना चाहिए था लेकिन ट्रेन शनिवार की सुबह पहुंची। इसके कारण उसकी परीक्षा छूट गई।
होटल में खाना तक नहीं हुआ नसीब
देवरिया। जिले के विभिन्न जनपदों से आए परीक्षार्थियों का रेला रात में आ गया था। रेलवे स्टेशन से लगायत शहर के विभिन्न जगहों पर स्थित होटल में खाना समाप्त हो गया था। होटल और लॉज में कमरे तक नहीं मिले क्योंकि हाउसफुल हो गया था। इसके कारण परीक्षार्थियों को भूखे पेट रहना पड़ा। सुबह चाय और नाश्ता की दुकानों पर काफी संख्या में भीड़ देखने को मिली।