-तत्कालीन प्रधान व सचिव के हस्ताक्षर से मांगी गई आख्या
-परीक्षण में 2014-15 के प्रस्तर में प्रकाश में आई अनियमितता
-लखनऊ की बैठक में होगी इसकी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले की 13 ग्राम पंचायतों के लेखा परीक्षण में करीब 76 लाख 84 हजार 804 रुपये की अनियमितता मामले को डीपीआरओ ने संज्ञान लिया है। डीपीआरओ की तरफ से तत्कालीन सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण की सुनवाई की तिथि अभी नहीं मिली है। लखनऊ में होने वाली उप्र विधान सभा की पंचायतीराज समिति की बैठक में सुनवाई की जाएगी। जिले के भटनी, लार, भलुअनी व भागलपुर के 13 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2014-15 तक लेखा परीक्षण किया गया था, जिसमें धांधली सामने आई है।
विभागीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य कराने वाले उस समय के तत्कालीन प्रधानों ने फर्मों को भुगतान न कर स्वयं सीधे खाते से धन आहरण किया है। इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों की तरफ से भुगतान की गई रकम के बारे में अभिलेख आडिट के समय प्रस्तुत नहीं किए गए।
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अनियमितता सामने आने के बाद मची खलबली
लेखा परीक्षण में अनियमितता सामने आने के बाद हड़कंप मचा है। डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय ने इन ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों को नोटिस जारी कर कहा कि पंचायती राज संस्थाओं पर आधारित मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें उप्र का प्रतिवेदन मिला है, जिसमें वर्ष 2014-15 में संबंधित प्रस्तरों का अनुपालन आख्या मांगा गया है। सुस्पष्ट आख्या, आवश्यक अभिलेखों की छाया प्रति एक के सप्ताह में उपलब्ध कराएं, अन्यथा देरी होने पर पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 257 एक के तहत आडिट प्रस्तरों में दुरुपयोग की धनराशि ब्याज सहित वसूली की जाएगी।