मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में तीन दिन पहले बरियारपुर थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर निवासी युवक की मौत के मामले की जांच पूरी कर ली गई है। तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट सौंप दी। इसमें ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि रिपोर्ट देखने के बाद प्राचार्य स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
बरियारपुर थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर निवासी आदर्श जायसवाल (18) पुत्र स्व. हेमचंद जायसवाल को मंगलवार की सुबह इमरजेंसी पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरोंं व कर्मियों पर समय से इलाज न करने का आरोप लगाया। साथ ही ऑक्सीजन व इंजेक्शन भी नहीं लगाने की बात कही।
यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में भी आ गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल के निर्देश पर बुधवार को सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया।
इसमें प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल, डॉ. अरुणेश और इमरजेंसी के नोडल अधिकारी डॉ. विजय गुप्ता शामिल थे। टीम के सदस्यों ने इमरजेंसी पहुंच उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व कर्मियों का बयान दर्ज किया। साथ ही अन्य बिंदुओं पर जांच की। पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को टीम ने रिपोर्ट सीएमएस को दे दी। उन्होंने रिपोर्ट को प्राचार्य को भेज दिया है। हालांकि प्राचार्य अभी बाहर हैं।
इमरजेंसी में युवक की मौत के मामले में तीन सदस्यीय टीम ने जांच की है। टीम अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिसे प्राचार्य को भेज दिया गया है। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस