बघौचघाट। छत पर खेलते-खेलते मासूम बच्चा नीचे गिर गया। उसे गंभीर चोट लग गई। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की देर रात में उसकी मौत हो गई। मासूम तीन बहनों का इकलौता भाई था।
थाना क्षेत्र के हरी महुआवा गांव निवासी मारकंडेय धोबी का पांच वर्षीय मासूम बेटा अनुज बृहस्पतिवार शाम को अपनी मां के साथ छत पर खेल रहा था। मां उसे छत पर खेलता छोड़कर नीचे खाना बनाने चली आई। छत पर रेलिंग नहीं बनी है। मासूम अनुज खेलते-खेलते छत से नीचे गिर गया। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया। अनुज की इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां सरस्वती देवी रोते-रोते बेहोश हो जा रही है। वहीं उसकी तीनों बहनों की हालत देखकर हर कोई रोने को मजबूर हो गया है। मासूम के पिता विदेश में हैं। पुत्र की मौत की सूचना के बाद उनका रोकर बुरा हाल है। तीन बेटियों के बाद अनुज पैदा हुआ था तो परिवार में खुशी का माहौल व्याप्त था। उसकी मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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रखिया केके बानभ जा ए भगवान, तीनों बहनों का रोकर बुरा हाल
तीन बेटियों के बाद मारकंडे को एक बेटा हुआ था। पूरा परिवार उसे बेहद प्यार करता था। उसकी तीनों बहनें उसे हमेशा अपने साथ रखती थी। तीनों कही जाती उसे साथ लेकर जाती और खूब दुलार करती थी। बड़ी मन्नतों के बाद सरस्वती देवी को पुत्र हुआ था। तीनों बहने अगले महीने आने वाले रक्षाबंधन के लिए अपने मासूम भाई को राखी बांधने का सपना संजोए थी। उसके लिए अपनी मां से सुंदर कपड़ा खरीदने की बात कर रही थी, परंतु भगवान को कुछ और ही मंजूर था। अचानक घटित हुई इस घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है। बहने रो-रो कर भगवान को कोसे जा रही थी कि हे भगवान अब केके रखिया बांधम जा ए भगवान।