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Deoria News: गौरा-बरहज में पार्टी उम्मीदवारों के लिए चुनौती बन रहे निर्दल प्रत्याशी

Fri, 28 Apr 2023 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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तीन बार कर चुके हैं रहनुमाई, सपा का नहीं खुला खाता, दो बार बसपा और एक बार भाजपा को मिली है जीत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर पालिका गौरा-बरहज निकाय चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। चुनावी घमासान में इस बार बागी निर्दल प्रत्याशी पार्टी उम्मीदवारों के लिए चुनौती साबित हो रहे हैं। इस सीट पर दो बार बसपा, एक बार भाजपा प्रत्याशियों को जीत मिली है। जबकि यहां की जनता ने तीन बार निर्दल प्रत्याशियों को भी मौका दिया है। हालांकि सोशलिस्टों के गढ़ में अब तक नगरपालिका सीट पर सपा अपना खाता नहीं खोल सकी है।
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मौसम के तापमान के साथ-साथ चुनावी सरगर्मी भी तेज हो गई है। प्रत्याशी मतदाताओं को सब्जबाग दिखा रहे हैं। इस बार के चुनाव में जनता चुप्पी साधे हुए है। लोगों के अनुसार चुनावी अखाड़े में त्रिकोणीय लड़ाई है। जिसमें निर्दल प्रत्याशी भी जीत दर्ज करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। भाजपा से अमरेंद्र गुप्त, सपा से अनूप मद्धेशिया, बसपा से श्वेता जायसवाल, कांग्रेस के राधारमण त्रिपाठी के अलावा निर्दल प्रत्याशी के रूप में तारा जायसवाल सहित अन्य लोग चुनाव मैदान में हैं। पार्टी प्रत्याशियों के चक्रव्यूह भेदन में निर्दल प्रत्याशी उनकी राह का रोड़ा बन रहे हैं। 1990 के दशक में आरक्षण लागू होने के बाद 1995 में भाजपा से पहली बार अनुराधा सोनकर ने कमल खिलाया था। 2001 में बसपा की रेनू जायसवाल, 2017 में उमाशंकर सिंह विशेन ने पार्टी को जीत दिलाया था। जनता ने पार्टियों से अपना मोहभंग करते हुए 1990 में निर्दल बिंदेश्वरी जायसवाल, 2006 में वीरेंद्र गुप्त और 2012 में अजीत जायसवाल को पालिकाध्यक्ष चुना था। नगर में 40-45 हजार मतदाता हैं। लेकिन नए परिसीमन में इनकी संख्या बढ़कर करीब 60 हजार हो गई है। इसमें 50 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग, 30 अनुसूचित और 20 प्रतिशत में अन्य वर्ग के लोग शामिल हैं। पिछले समीकरण को लेकर भाजपा और सपा कुर्सी हासिल करने के लिए हर दांव आजमा रही है।
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