चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओ से बचने के लिए पुरे शरीर को ढ़क कर निकल रहे राहगीर।संवाद
तपिश और गम हवाओं के कारण बढ़ रही दुश्वारियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अप्रैल जैसे-जैसे बीत रहा है, तपिश और गम हवाओं के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता के कारण वातावरण में नमी का स्तर घटता जा रहा है। लगातार तेज चल रही पछुआ हवा के चलते शुष्कता बढ़ रही है। धूल भरी तेज हवा के संपर्क में आने के चलते गला और नाक सूखने के चलते लोगों को दिक्कते हो रही हैं। वहीं लू लगने की आशंका भी बढ़ जा रही है। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने से रात के समय भी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तो बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधितत तापमान 42 डिग्री सेल्सियस। मौसम विशेषज्ञ न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़त होने से रात में उमस और गर्मी में बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।
पिछले पांच दिनों से अधितकतम तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है। इससे अब लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी है। न तो लोगों को दिन में सुकून है न रात में। भीषण गर्मी के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाने से सुबह देर तक सोना पड़ रहा है। ऐसे में जो नौकरीपेशा या दुकानदार व्यवसायी हैं, वे अपने काम पर देरी से पहुंच रहे हैं। यही नहीं पढ़ने वाले बच्चे भी गर्मी से झेल जा रहे हैं। नींद पूरी भी नहीं हो पा रही है और उन्हें सुबह स्कूल जाने के लिए जल्दी जगना पड़ रहा है।
एक दिन में तीन डिग्री बढ़ गया न्यूनतम तापमान
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में भी इजाफा दर्ज किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान बढ़ने से नमी की मात्रा भी प्रभावित हो रही है। बृहस्पतिवार को हवा में नमी का स्तर 13, जबकि बुधवार को 12 प्रतिशत रहा। अधिकतम तापमान में गिरावट न होने और नमी कम होने के चलते न्यूनतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले तीन डिग्री तक बढ़ गया है। मल्हना कृषि केंद्र के वैज्ञानिक रजनीश श्रीवास्तव बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ कम सक्रिय है। इस वजह से अप्रैल में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। तेज पछुआ हवाओं का कारण मौसम पूरी तरह से रूखा हो चला है। यही कारण है कि न्यूनतम तापमान भी बढ़ रहा है। आने वाले दो-तीन दिन में मौसम में बदलाव हो सकता है।