- शराब दुकानदार और गोदाम मैनेजरों की मिलीभगत फल-फूल रहा अवैध धंधा
- नियमों के दांव पेंच की वजह से आबकारी विभाग के अफसर भी नहीं बोलते
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शराब कारोबारियों और अवैध धंधेबाजों के गठजोड़ से सीमा पर शराब की तस्करी बढ़ गई है। नियमों के दांव पेंच में उलझे शराब दुकानदार जुर्माना से बचने और टार्गेट पूरा करने के लिए तस्करों की खुलेआम मदद ले रहे हैं। आबकारी विभाग के जिम्मेदार इससे अंजान नहीं है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। थाने से करीब डेढ़ किमी दूर जंजीरहा गांव में प्रधान के आवासीय परिसर से शराब का खेप पकड़े जाने के बाद शराब के एक बड़े कारोबारी के मैनेजर का नाम सामने आया। इस गठजोड़ से दुकानों को भेजी जाने वाली शराब की तस्करी का खेल खुला।
अभी तक सीमा पर जो भी अवैध तरीके से शराब का खेप पकड़ा जाता था। वह हरियाणा निर्मित रहता था। यूपी की शराब जब बरामद हुई तो तस्कर फरार हो जाते थे। अज्ञात पर केस दर्ज हो रहा था। जंजीरहा गांव में शराब को खेप जो पकड़ा गया। पकड़ी गई शराब देवरिया के गोदाम से दुकानों के लिए भेजी गई थी। प्रधान के आवासीय परिसर में शराब कैसे पहुंची। किस दुकान के लिए शराब गोदाम से उठाई गई थी। इसकी ईमानदारी से जांच हो तो शराब की तस्करी में शामिल कई सफेदपोशों की कलई खुल सकती है। लेकिन आबकारी विभाग के अफसर जांच में लीपापोती करने के प्रयास में हैं।
टार्गेट पूरा न होने पर लगता है 50 हजार का जुर्माना
कुछ शराब के दुकानदार ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि जब शराब की दुकानों का नवीनीकरण या लाटरी के तहत मिलती हैं। इसमें दस प्रतिशत शराब बेचने का टार्गेट बढ़ जाता है। अंग्रेजी, बियर और देसी शराब के दुकानदारों को हर महीने शराब बेचने का टार्गेट मिलता है। टारगेट पूरा नहीं होने पर अंग्रेजी और बीयर की दुकान पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगता है। दूसरी बात टार्गेट पूरा नहीं होने पर 1.50 लाख और टार्गेट बार टारगेट पूरा नहीं हुआ तो दुकान का लाइसेंस निरस्त हो जाता है। वहीं देसी शराब की दुकान पर टारगेट के अनुसार बिक्री नहीं करने पर बचा हुआ राजस्व जमा करना पड़ता है। इस चक्कर में दुकानदार शराब तस्करों के हाथ बेच रहे हैं। सीमा को छोड़ कई दुकानदार टार्गेट पूरा करने में पिछड़ जा रहे हैं। ऐसे में शराब गोदाम के मैनेजरों की सेटिंग से सीमा के दुकानदारों की मिलीभगत से शराब तस्करों तक पहुंचा दिया जाता है।
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लीपापोती करने में जुटे आबकारी अफसर
- शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करा दी जाए तो इसकी हकीकत पता चल जाएगा। गोदाम से जिस दिन शराब का उठान हुआ है। उस दिन शराब का खेप दुकान पर पहुंचा ही नहीं । शराब को सीमा के गांवों में डंप कर तस्करों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। शराब गोदाम के मैनेजर अजय तिवारी और बार्डर की शराब दुकानों पर काम करने वाले मुनीबों का कॉल डिटेल चेक कराया जाए तो तस्करों और शराब दुकानदारों के गठजोड़ का भंडाफोड़ हो सकता है।
- जंजीरहा में पकड़ी गई शराब गोदाम से किस दुकान के लिए गई थी। उसकी जांच की जा रही है। टारगेट पूरा नहीं करने वाले शराब दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाता है। सुधार नहीं होने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का निमय है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार जिला आबकारी अधिकारी देवरिया