डीएम ने किया सीएचसी का निरीक्षण, चार कर्मचारी अनुपस्थित
बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन मिली ख़राब
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरदेवा का निरीक्षण किया। इसमें चार कर्मचारी अनुपस्थित मिले। साथ ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन खराब मिली। उन्होंने कर्मचारियों को चेताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए। ऐसा न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
डीएम दोपहर 12:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे, जहां अस्पताल में भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी ली। मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि पिछले दो दिन से सीएचसी में किसी भी गर्भवती की डिलीवरी नहीं हुई है और न ही कोई मरीज भर्ती है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। डीएम ने निरीक्षण में अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे एवं कर्मचारियों की हाजिरी की जानकारी ली।
अस्पताल में लगी बायोमेट्रिक मशीन खराब मिली, जिस पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए। परिसर में स्थित महिला शौचालय में स्क्रेप रखा मिला, जिससे प्रतीत हो रहा था कि शौचालय का उपयोग नहीं हो रहा है। इसके बाद डीएम ने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया, जिसमें चार कर्मचारी चंद्रशेखर कुशवाहा, राजू, नदीम अख्तर तथा शमशाद अहमद अनुपस्थित मिले। इन सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
फील्ड में जाने वाले कर्मचारियों की आवाजाही दर्ज करने वाला मूवमेंट रजिस्टर न मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम ने दवा वितरण पंजिका, ओपीडी पंजिका का भी अवलोकन किया। उन्होंने मरीज और तीमारदारों से संवाद कर अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, एमओआईसी डॉ. प्रभात रंजन आदि मौजूद रहे।
डीएम ने निर्माणाधीन गेस्ट हाउस का किया निरीक्षण
देवरिया। जिलाधिकारी ने पथरदेवा ब्लॉक मुख्यालय के निकट भेलीपट्टी में पीडब्ल्यूडी के निर्माणाधीन गेस्ट हाउस का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गेस्ट हाउस को गुणवत्ता एवं समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
ई-कवच एप से होगी आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की निगरानी
जिले की 2627 आशा कार्यकर्ता होंगी ई-कवच एप से लैस
ऑनलाइन भरेंगी विलेज हेल्थ इंडक्सकन रजिस्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आशा कार्यकर्ता अब ई-कवच एप पर अपने कार्यों को फीड करेंगी। एक क्लिक पर उनके कार्यों को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इस एप पर उनके कार्यों का ब्योरा रहेगा। आशा कार्यकर्ता ई-एप पर गर्भवती के पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्यों की नियमित फीडिग क्षेत्र से ही करेंगी। उनके कार्यों की निगरानी भी एप से की जा सकेगी। जिले से लेकर दिल्ली, लखनऊ तक के अधिकारी कहीं से भी एप पर उनके कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एएनएम क्षेत्र तथा घर-घर जाकर गर्भवती का पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्य करती हैं। आशा कार्यकर्ताओं को अपने कार्यों का कागज पर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है। अब उन्हें पेन, कागज से छुटकारा मिल जाएगा। उनके कार्यों पर शासन की नजर रहेगी। इसके लिए ई-कवच एप बनाया गया है।
आशा और एएनएम को अब इसी एप पर बच्चों व गर्भवती के टीकाकरण का ब्योरा अपलोड करना होगा। साथ ही कौन टीका लगा है और लगना है इसकी भी जानकारी मिलेगी। एप के जरिए फील्ड से ही ऑनलाइन फीडिंग करने में आसानी होगी। एप से अधिकारी कहीं से भी आशा कार्यकर्ता के कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। जिले में 2627 आशा कार्यकर्ता ई कवच एप से लैस होंगी। ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए आशा और एएनएम को मोबाइल दिए गए हैं।
2477 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण
डीसीपीएम राजेश गुप्ता ने बताया कि 2477 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। शेष 150 आशा कार्यकर्ताओं को सीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से आशा कार्यकर्ता अब ऑनलाइन
ई कवच एप से आशा कार्यकर्ताओं को आसानी होगी।
कोट
वह फील्ड से डाटा फीड कर सकेंगी। मोबाइल के जरिए गर्भवती व बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी एप पर अपलोड करेंगी। इससे महिलाओं व बच्चों की सेहत की सटीक जानकारी मिल सकेगी। बच्चों व महिलाओं को कौन सा टीका लगा और कौन सा बाकी है। इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। इससे समुदाय को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकेंगी।
- डॉ. राजेश झा, सीएमओ
डेंगू के संभावित दो मरीज मिले
देवरिया। जिले में डेंगू के दो संभावित मरीज मिले हैं। इनमें एक गैर जनपद तो दूसरा दूसरे प्रांत से आया है। दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में चल रहा है। हालांकि, अभी एलाइजा जांच के लिए सैंपल दिया गया है, उसकी रिपोर्ट आने पर ही पुष्टि हो सकेगी।
जनपद में डेंगू का प्रकोप दिख रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सर्तक है। इधर संभावित दो मरीज मिले हैं। विकास खंड गौरीबाजार क्षेत्र का एक युवक गोरखपुर स्थित एक महाविद्यालय का विद्यार्थी है। वह हॉस्टल में रहता है, जहां दो अक्तूबर को बुखार से पीड़ित हुआ। अगले दिन घर आने पर बुखार और उल्टी होने लगा। स्थानीय स्तर पर दवा ली, फिर निजी अस्पताल में इलाज कराया, वहां जांच के बाद आराम नहीं मिला। इसके बाद परिजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज शुरू हुआ।
उधर, बनकटा ब्लॉक क्षेत्र का एक युवक ढाई माह पहले हरियाणा के खानसा गया था, जहां दो अक्तूबर को शरीर में दर्द, बुखार होने पर दवा ली, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन से रवाना हुआ और घर पहुंचा। बुधवार को समीप के बाजार स्थित चिकित्सक से दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद शनिवार की शाम जिला अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचा, जहां से देर रात वार्ड में भर्ती किया गया। दूसरे दिन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि दोनों मरीजों का आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है। एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा। संवाद