गिरफ्तार चारों हत्यारोपियों संग एसपी विक्रांत वीर ने किया घटना का खुलासा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना का खुलासा हुआ है। आरुष नामक मासूम बालक को नरबलि देने के लिए पहले अपहरण किया गया और फिर उसकी गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात में और कोई नहीं उसकी सगी बुआ के दोनों पतियों के अलावा उनके दो अन्य रिश्तेदार संलिप्त है।
यह मामला 17 अप्रैल 2025 को सामने आया, जब पटखौली निवासी सोमनाथ गौड़ ने अपने भतीजे आरुष के गायब होने की सूचना दी। आरुष 16 अप्रैल की शाम से लापता था। प्रारंभिक रूप से अपहरण का केस दर्ज कर पुलिस खोजबीन कर रही थी। इसके बाद एसपी विक्रांत वीर के निर्देशन में गठित टीम ने एक अगस्त को आरोपी मदनपुर के डुमरी के जयप्रकाश गौड़ को पकड़ा।
पूछताछ में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। सुरौली थाने के पैकौली निवासी इन्द्रजीत गौड़ जिसकी शादी दिसंबर 2024 में आरुष की बुआ से हुई थी, उसके ऊपर ससुराल पक्ष ने देवी का साया बताकर झाड़फूंक कराना शुरू किया। झाड़फूंक करने वाले इंद्रजीत गौड़ के मामा जयप्रकाश ने कथित तौर पर नरबलि की सलाह दी।
इसके बाद इन्द्रजीत ने अपने साढ़ू गोरखपुर के बड़हलगंज के सिधुआपार निवासी रमाशंकर उर्फ शंकर से मासूम बालक की व्यवस्था करने के लिए 50 हजार में सौदा किया। रमाशंकर ने अपने ही रिश्तेदार योगेश के बेटे आरुष को बहला-फुसलाकर गायब कर दिया और बाद में इंद्रजीत गौड़ के मौसी के लड़के सदर कोतवाली के परसिया मिसकारी निवासी भीम गौड़ के माध्यम से उसे इन्द्रजीत तक पहुंचाया।
तीनों ने मिलकर कोतवाली क्षेत्र के पिपरा चन्द्रभान के एक बगीचे में पूजा-पाठ के नाम पर मासूम का चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और शव को दफना दिया। कुछ दिन बाद शव निकालकर उसे बोरे में भरकर पिकअप से बरहज के गौराघाट में नदी में फेंक दिया गया। इंद्रजीत की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, फावड़ा, पिकअप वाहन, दो बाइक बरामद कर जब्त कर लिया।