सदर रेलवे स्टेशन से दिल्ली, मुंबई, सूरत, गुजरात व अहमदाबाद की ट्रेनों में नहीं मिल रहे कंफर्म टिकट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन से दिल्ली, मुंबई, सूरत, गुजरात व अहमदाबाद की ट्रेनों में कंफर्म टिकट पाने के लिए दूर-दराज से आए लोग पूरी रात स्टेशन पर गुजारने के बाद सुबह लाइन में लग जा रहे हैं। इसके बाद भी तत्काल और आरक्षण टिकट कंफर्म नहीं मिल रहा है। वेटिंग मिलने से निराश और परेशान होकर लोग लौट जा रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ ऐसे यात्रियों को पलभर में दलाल कंफर्म टिकट मोटी रकम लेकर उपलब्ध करा रहे हैं। गर्मी के मौसम में लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट के लिए मारमारी है। अधिकांश ट्रेनों में 70 से 100 के पार वेटिंग है। दिल्ली से दरभंगा जाने वाली संपर्क क्रांति में स्लीपर क्लास में वेटिंग इस माह हर दिन 150 से अधिक है। यहां तक 10 मई तक वेटिंग है। एलटीटी और कुशीनगर एक्सप्रेस में 110 वेटिंग अप्रैल माह में है। दिल्ली को जाने वाली वैशाली सुपर फास्ट में वेटिंग 80 है। यात्रियों की बढ़ती संख्या का फायदा टिकट दलाल फिर से उठा रहे हैं। स्पेशल ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिलने पर यात्री तत्काल कोटा की ओर भाग रहे हैं लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है। तत्काल टिकट का 90 फीसदी टिकट में भी सेंधमारी हो जा रही है। अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए दलाल अधिकतर टिकट बुक कर ले रहे हैं।
-
रात 11 बजे: काउंटर पर सो गया
मंगलवार की रात भर स्टेशन पर टिकट के लिए लाइन लगाने के बाद भी यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। रेलवे स्टेशन पहुंचे कुईया निवासी मनोज कुमार रात 11 बजे गहरी नींद में कांउटर पर सोए हुए थे। एक जीआरपी का सिपाही आया तो पूछ कि यहां क्यों सोए है तो बोल पड़े साहब लाइन में लगना है। फिर वह मच्छर से बचने के लिए रुमाल चेहरे पर रखकर सो गए। सुबह पता चला कि टिकट नहीं मिल पाया।
-
रात 11.30 बजे: खाना के बाद आया और प्लास्टिक की चटाई खरीदा सो गए
उसरा निवासी अनिल और गोल्डेन ने बताया कि मुंबई जाना है। खाना खाने के बाद प्लास्टिक की चटाई खरीदने के बाद सो गया। पूरी रात तत्काल टिकट के लिए स्टेशन के रिजर्वेश काउंटर पर सोया रहे। तत्काल टिकट लेने पहुंचे लाइन में लगे। जब नंबर आया तो पता चला कि तत्काल टिकट वेटिंग हो गया। जबकि एक कंप्यूटर सेंटर से उन्हें तत्काल टिकट 1500 रुपये अधिक देकर मिल गया।
इस तरह दलाल कर रहे खेल
रेलवे से जुड़े एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टिकट दलालों का नेटवर्क बहुत तगड़ा है। टिकट दलाल इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के समानांतर सिस्टम चला रहे हैं। अवैध सॉफ्टवेयर की चाल रेलवे के सॉफ्टवेयर से कई गुना फास्ट होती है। टिकट दलाल इतने शातिर होते हैं कि टिकट बुक होने से पहले ही यात्री का नाम, उम्र और अन्य विवरण भरकर तैयार रहते हैं। रेलवे काउंटर पर जब तक क्लर्क एक टिकट बुक करता है, तब तक दलालों का नेटवर्क अपने सिस्टम से 20 से अधिक टिकट बुक कर लेता है। दलाल दिल्ली, मुंबई, सूरत आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों से एक हजार से पंद्रह सौ रुपये अधिक वसूल रहे हैं।
- ्र
भोर से ही आगे जाने की रही होड़
रात में जैसे तैसे गुजारने के बाद भोर में चार बजे से लाइन में आगे जाने के लिए होड़ भी लग गई थी। कुछ दलालों से संबंध रखने वाले आगे जाने के लिए यात्रियों से उलझ में जा रहे थे। कई लोग ऐसे थे कि गमछा लाइन में छोड़कर चले गए थे, भोर में आया तो लाइन में आगे लग गए।
सीआईबी की छापा में चुका है खुलासा
22 मार्च को देवरिया खास मोहल्ले में एक साइबर कैफे पर सीआईबी की टीम ने छापा मारा था। जहां से एक व्यक्ति को रेल ई टिकट के साथ गिरफ्तार किया था। करीब 84 हजार रुपये का टिकट बरामद हुआ था। इसी तरह एक साल के भीतर करीब दस साइबर कैफे पर प्रतिबंधित साफ्टवेयर के जरिए व्यक्तिगत आईडी पर करीब आठ लाख रुपये का ई टिकट बनवाने का मामला प्रकाश में आ चुका है।
-
फोटो
कोट
तत्काल टिकट तो मिलना ही मुश्किल हो गया है। अक्सर हम स्टेशन पर जाते हैं तो देखते हैं कि लोग दूरदराज आकर रात में कांउटर के पास सोए रहते हैं। इसके बाद भी उनको टिकट नहीं मिलता है। इसको लेकर रेलवे को उपाय करना चाहिए।
भरत शर्मा, खरजरवा कोट
अभी दो दिन पहले हम देहरादून से आए हैं। कांउटर से टिकट न मिलने के कारण दूसरी जगह से लेना पड़ा है। वेंटिग इतनी लंबी है कि लोग मजबूरी में मोटी रकम देकर कंफर्म टिकट खरीद रहे हैं।
गजेंद्र श्रीवास्तव, सीसी रोड
-
कोट, फोटो नहीं है
टिकट कांउटर से यात्रियों को लेना चाहिए। भीड़ होने की वजह से लाइन में लगना तो पड़ेगा। दलालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके पास से अवैध टिकट भी बरामद हो चुका है।
आई अंसारी, स्टेशन अधीक्षक