- विरोध कर रही पांच महिलाओं को पुलिस उठा लाई थाने
- बरसात में आशियाना उजड़ने से सात लोगों के परिवार की खुले में गुजरेगी रात
- झोपड़ी और टिन शेड के साथ वर्षों पुराना एक दर्जन पेड़ भी उखाड़ने का लोगों ने लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। स्थानीयी थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार की दोपहर प्रशासन ने बिना नोटिस दिए ही सात लोगों की झोपड़ी और टिन शेड उजाड़ दिया। बरसात में आशियाना उजड़ने से परिवार खुले में रात गुजरेगा। विरोध कर रही पांच महिलाओं को पुलिस थाने उठा लाई। शाम को उनका शांति भंग की धारा में चालान कर दिया। घर के साथ एक दर्जन से अधिक पेड़ भी उखाड़ने का आरोप परिजनों ने लगाया है।
तरकुलवा विकासखंड के कमधेनवा गांव में रविवार की दोपहर नायब तहसीलदार यशवंत, कानूनगो भानु प्रताप और लेखपाल समर यादव के साथ पुलिस टीम पहुंची। प्रशासन ने जेसीबी लगाकर प्रहलाद प्रसाद की झोपड़ी व टिन शेड, नंद प्रसाद की झोपड़ी, हरिराम प्रसाद की झोपड़ी, गुलाब प्रसाद का टिन शेड, रविंद्र प्रसाद, राम केवल एवं निर्मला देवी की झोपड़ी को हटाना शुरू कर दिया। सातों लोगों के परिजनों ने बिना नोटिस दिए झोपड़ी गिराने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मौके से पुरुष गायब थे और महिलाएं हंगामा कर रही थीं। हंगामा बढ़ता देख महिला पुलिस कर्मियों ने विरोध कर रही पांच महिलाओं को पकड़ लिया और पुलिस जीप से थाने लेकर चली आई।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने जेसीबी से सातों लोगों की झोपड़ी, नांद, बांस की कोठी और लगभग एक दर्जन सागौन व आम के वृक्ष उखाड़ कर फेंक दिए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने घास काटने की मशीन और पंपिंग सेट तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि बरसात के महीने में झोपड़ी तोड़ दिए जाने से उन्हें रात खुले में ही गुजारनी पड़ेगी।
इस संबंध में नायब तहसीलदार यशवंत यादव ने बताया कि बिना पट्टा और किसी कागजात के लोकसभा चुनाव के दौरान इन लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। कब्जा की गई भूमि पर दो लोगों को कृषि कार्य के लिए पट्टा दिया गया है। 15 दिन पहले मौखिक रूप से झोपड़ी और टिन शेड हटाने का निर्देश दिया गया था।
थाना अध्यक्ष नंदा प्रसाद ने बताया कि बिना वैध कागजात के सरकारी भूमि पर जबरन कब्जा किए लोगों से प्रशासन ने कब्जा हटवाया है। विरोध कर रही पांच महिलाओं को थाने लाया गया है। उन्हें धारा 170 के तहत चालान किया जा रहा है।