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Deoria News: जिसकी हत्या के आरोप में पति ने हवालात में गुजारी चार रातें, प्रेमी के साथ बेंगलुरु में मिली

Thu, 31 Aug 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। अग्नि को साक्षी मानकर दो माह पहले जिसे पत्नी बनाकर घर लाया, उसकी हत्या कर शव छिपाने के आरोप में युवक को चार रातें हवालात में गुजारनी पड़ीं। मायके वालों की तहरीर पर पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज की और पति प्रताड़ित भी हुआ। गुहार लगाकर छूटा तो लापता पत्नी की तलाश शुरू की। कई सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड की छानबीन की तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। जिस पत्नी की हत्या के आरोप में उसने प्रताड़नाएं सहीं, वह अपने प्रेमी के साथ बेंगलुरु में मिली। वह लौटकर आने को तैयार नहीं है।
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मईल थाना क्षेत्र के बरठा गांव निवासी शमशेर सिंह जिले की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। 12 जून 2023 को उनकी शादी क्षेत्र के एक गांव में हुई। 13 जून को दुल्हन विदा होकर घर आई। दो माह सबकुछ ठीक चला। इसके बाद 12 अगस्त की सुबह उनकी पत्नी हर्षिता अचानक गायब हो गई। इसकी जानकारी होने पर हर्षिता के मायके पक्ष के लोग शमशेर के घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। बचाव में आए माता-पिता और भाई को भी चोटें आईं। हर्षिता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी की हत्या कर शव को छिपा दिया गया है। पुलिस तत्काल पति शमशेर को घर से पकड़ लाई और 16 अगस्त तक थाने में बैठाए रखा। इस दौरान पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस के आला अफसरों पर महिला के परिजन दबाव बनाने लगे। साथ ही हत्या का भी आरोप लगाने लगे। साक्ष्य न मिलने के कारण पुलिस असमंजस में पड़ी रही। इसी बीच शमशेर ने पुलिस से गुहार लगाई कि उन्हें छोड़ दिया जाए तो वह पत्नी को ढूंढ निकालेंगे। इस पर शमशेर को पुलिस ने छोड़ दिया। पत्नी की चिंता और हत्या के आरोपों से घिरे शमशेर ने गांव के चौराहे की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। इसमें पत्नी एक टेंपो में बैठते हुए दिखी। दो दिन तक तलाश करने के बाद शमशेर टेंपो चालक तक पहुंच गए।
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टेंपो चालक ने बताया कि वह एक परिवार को लेकर वाराणसी जा रहा था। इसी बीच महिला मिली थी। महिला को उसने सलेमपुर छोड़ा था। उसने टेंपो में बैठे लोगों के मोबाइल फोन से किसी से बात की थी। इस पर शमशेर चालक से पता लेकर टेंपो रिजर्व करने वाले के घर पहुंचे और उनके मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री चेक की तो वह नंबर मिल गया जिसपर हर्षिता ने बात की थी। पुलिस की छानबीन में नंबर बिहार निवासी मनोज का निकला। नंबर को ट्रेस किया तो लोकेशन बेंगलुरु मिली। इसके बाद पुलिस ने हर्षिता को वहां खोज निकाला। अब वह पति के साथ रहने को तैयार नहीं है। वहीं, शमशेर और उनका परिवार भी उसे रखने को तैयार नहीं हैं।

खुद की छानबीन, तब साबित हुए निर्दोष
पूरे मामले में आरोपी मानकर पुलिस जिस शमशेर को कटघरे में खड़ा कर रही थी, वह खुद छानबीन न करते तो न जाने और कितने दिन उन्हें पत्नी की हत्या के आरोप में परेशान होना पड़ता। दो माह पहले जिस युवती को गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से ब्याह कर लाए थे, उसने उनके साथ ही पूरे परिवार का मान-सम्मान मिट्टी में मिला दिया। पुलिस भी मायके वालों के आरोप के आधार पर शमशेर को ही दोषी मानकर सख्ती करती रही। प्रश्न यह उठता है कि जो छानबीन एक आम आदमी ने कर डाली, सारे अधिकार होने के बाद भी वह पुलिस क्यों नहीं कर सकी?

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लापता महिला के बारे में जानकारी मिल गई है। पुलिस उसका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पति और उसके घरवालों ने हत्या कर शव छिपा दिया है।
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- अंशुमन श्रीवास्तव, सीओ
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