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Deoria News: लगातार बारिश से डूबी सैकड़ों एकड़ धान की फसल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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तरकुलवा। कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से धान की फसल पर संकट गहराता जा रहा है। निचले खेतों में सैकड़ों एकड़ रोपाई के कुछ दिन बाद से ही धान की फसल पानी डूब गई है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खिंच गई हैं। परेशान किसान बारिश में भीगते हुए खेतों पर पहुंच रहे हैं। वह अपनी मेहनत की कमाई को बारिश के पानी से बर्बाद होती देख कर किस्मत को कोस रहे हैं।

विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत सैकड़ों एकड़ निचले खेतों में किसान बारिश का इंतजार किए बिना पंपसेट से 250 रुपये प्रति घंटे की दर से सिंचाई कर खेतों में धान की फसल की रोपाई कराई। उनको उम्मीद थी कि बारिश आने से पहले ही धान की फसल कुछ बड़ी हो जाएगी और उनकी जड़ मजबूत हो जाएगी, लेकिन इस बार किसानों की इस सोच के बिल्कुल उल्टा हुआ। एक ओर किसान खेतों में धान की रोपाई करवाकर खाली हुए तो दूसरी तरफ सोमवार से ही बारिश शुरू हो गई।
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उसके बाद से ही कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इससे महुआपाटन, हरैया, महुआरी, जलुआ, पटखौली, कनकपुरा, अमवा, सोहनारिया, खरहरिया, बेलही, गुलहरिया, कवलाचक, चिउटहां, सरैनी, नरहरपट्टी आदि दर्जनों गांवों के निचले खेतों में धान की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में पूरी तरह डूब गई है। इसी तरह बारिश होती रही तो धान की फसल सड़कर बर्बाद हो जाएगी और किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है़।
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अमवा गांव के किसान अवधेश तिवारी, दुर्गेश तिवारी, तेज प्रताप सिंह, नागेश्वर सिंह, श्रीकांत सिंह, चंद्रबली सिंह, रमाशंकर खरवार, जयप्रकाश सिंह, लहरी सिंह, अनिरुद्ध सिंह, योगेश्वर खरवार आदि किसानों ने बताया कि खेती नीची होने के चलते धूप में ही 250 रुपये प्रति घंटे की दर से पंप सेट से सिंचाई कर धान के फसल की रोपाई कराई थी, ताकि कुछ दिनों में फसल बड़ी हो जाएगी, लेकिन सोमवार से लगातार हो रही बारिश से फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। उनका कहना था कि यदि ऐसा ही रहा तो फसल सड़ कर नष्ट हो जाएगी और सारी लागत पानी में बर्बाद हो जाएगी।
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