हाटा रजवाहा नहर की आधी अधूरी सफाई होने से पानी हुआ ओवरफ्लो
-शिकायत लेकर पहुंचे किसानों और सिंचाई विभाग के एक्सईएन में नोंकझोक
देवरिया। हाटा रजवाहा ओवरफ्लो होने से किसानों का सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई। नाराज किसान बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंचे। एक्सईएन ने ठेकेदार की लापरवाही बताते हुए अपना पल्ला झाड़ा तो किसान भड़क गए। एक्सईएन और किसानों से नोंकझोंक हुई। किसानों ने नुकसान हुए फसलों की क्षतिपूर्ति की मांग किया है।
जिले के महुआनी-सोनूघाट सड़क के पश्चिम से हाटा रजवाहा गया है। पानी आने से पहले इसकी सफाई सिंचाई विभाग कराता है। लेकिन इस साल रजवाहा की सफाई नहीं होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसके पहले किसानों से रजवाहा की सफाई के लिए कई बार शिकायत भी कर चुके थे। बुधवार की रात रजवाहा में जब पानी भरा तो ओवरफ्लो होकर घटैला, घटैला चेती, भदवरवा, पगरा तिवारी गांव करीब 100 से अधिक किसानों का सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल पानी से डूब गई।
बृहस्पतिवार को सुबह फसल की दुर्दशा को देख किसानों की चिंता बढ़ गई। नाराज किसान दिन में 11 बजे सिचाई विभाग कार्यालय पहुंचे, जहां एक्सईएन से मुलाकात हुई। वार्ता के दौरान एक्सईएन ने बताया कि रजवाहा की सफाई का ठेका दिया गया था। ठेकेदार आधी अधूरी सफाई कराकर भाग गया है। इसमें विभाग का कोई दोष नहीं है। इस पर किसान भड़क गए और एक्सईएन व किसानों के बीच नोकझोंक हुई। किसानों ने नुकसान हुए फसल की क्षतिपूर्ति देने की मांग एक्सईएन से किया। किसान अजीत कुमार त्रिपाठी समेत अन्य किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से फसल नुकसान हुए हैं। मुआवजा नहीं मिलने पर किसान कोर्ट का शरण लेंगे।
एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि नहर की सफाई के लिए ठेका हुआ था, लेकिन ठेकेदार बीच में ही काम छोड़ कर चला गया। इसके कारण पानी ओवरफ्लो हुआ है और किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। कुछ किसान आए थे। वे लोग फसल के नुकसान को लेकर नाराज थे। शिकायती पत्र दिए हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।