- बजट का रोना रो रहीं ग्राम पंचायतें, दो सौ में महज 17 ने लगवाए सीसी टीवी कैमरे
- असुरक्षित जगहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए पुलिस विभाग ने ग्राम प्रधानों से की थी पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अपराध और दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील स्थलों की निगरानी के लिए पुलिस विभाग ने जो छह माह पूर्व खाका तैयार किया था वह बजट के अभाव में फेल होता दिखाई पड़ रहा है। दो सौ में से महज 17 ग्राम पंचायतों ने ही त्रिनेत्र अभियान में सहभागिता दिखाते हुए चिन्हित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। 187 ग्राम पंचायतें इस दिशा में कोई कार्य नहीं कर पाई हैं।
पुलिस विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के विभिन्न थानाक्षेत्र में करीब तीन सौ स्थलों की सूची तैयार की है। ये स्थल अपराध व दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील हैं। घटनाओं का सुुराग मिलने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जनवरी माह में पुलिस अधीक्षक ने चिन्हित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए त्रिनेत्र अभियान चलाया। इसमें नगर निकाय, ग्राम पंचायत, व्यवसायी व आम लोगों से सीसीटीवी कैमरा लगवाने की पहल की गई। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में ज्यादातर व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान व घरों के सामने सीसीटीवी कैमरे तो लगा लिए, लेकिन ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर प्रधानों ने इसमें रूचि नहीं दिखाई है। अभी तक महज 17 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने अपने यहां सीसी टीवी कैमरा लगवाया है। देसही देवरिया ब्लाॅक के बरवामीर छापर की ग्राम प्रधान वंदना कुशवाहा का कहना है कि इस कार्य के लिए शासन से अतिरिक्त बजट नहीं मिला है। ग्राम निधि का अधिकांश बजट पंचायत सहायक, केयर टेकर के मानदेय व बिजली बिल भरने में खप जाता है। जो बचता है उससे सड़क, नाली, साफ-सफाई आदि मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किया जाता है।
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चार कैमरे लगवाने में आ रहे 90 हजार तक खर्च
पुलिस विभाग ने ग्राम प्रधानों से त्रिनेत्र अभियान के तहत उच्च क्वालिटी के सीसी टीवी कैमरे लगवाने की पहल की है। दर्जन भर कंपनियों के नाम सुझाए गए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप में कैद कर सकते हैं। देसही देवरिया ब्लाॅक के शामपुर ग्राम प्रधान आफताब आलम ने बताया कि मैंने चौराहे पर चार कैमरा लगवाया है। मशीन, टीवी, केबल समेत 90 हजार रुपये खर्च हुए हैं।
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वर्जन
लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसी टीवी कैमरा संवेदनशील स्थलों पर लगवाना बेहद जरूरी है। थाना प्रभारियों के माध्यम से ग्राम प्रधान व व्यवसायियों से इसके लिए पहल की जा रही है। अन्य विकास कार्यों की भांति ग्राम प्रधानों को इसपर भी ध्यान देना चाहिए। - संकल्प शर्मा, एसपी
त्रिनेत्र अभियान के तहत पुलिस विभाग ने ग्रामसभा के संवेदनशील स्थलों पर सीसी टीवी कैमरा लगवाने की पहल की है, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण समस्या आ रही है। ग्राम निधि की धनराशि से प्रधान, पंचायत सहायक व केयर टेकर का मानदेय भुगतान होता है। पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का बिजली बिल भी भरना पड़ता है। अन्य विकास कार्यों के लिए बजट कम पड़ जाता है। शासन को चाहिए कि त्रिनेत्र अभियान के लिए अलग से बजट जारी करे। - अशोक कुमार मिश्र, मंडल अध्यक्ष, ग्राम प्रधान संघ