देवरिया। नगर पालिका की बुधवार को आयोजित बजट बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में नए बने वार्डों के सभासदों ने विकास के मुद्दे पर आवाज उठाई। रजला वार्ड के सभासद संजय गुप्ता ने पालिका अध्यक्ष से कहा कि आखिर हम कबतक गांव के बने रहेंगे, हमें भी नगरीय सुविधाएं दीजिए। इस पर सभी सभासदों ने उनके समर्थन मेजें थपथपाईं। समानता लाने के लिए विस्तारित इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। अध्यक्ष अलका सिंह ने आश्वासन दिया कि पुराने के साथ नए वार्डों के विकास का खाका तैयार कर लिया गया है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
नगर पालिका की बजट बैठक बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में हुई। इसमें मौजूदा वित्तीय वर्ष के विकास का खाका प्रस्तुत किया गया। सभासदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याएं गिनाई। पुरवा मेहड़ा के सभासद अजय कुमार ने कहा कि उनके वार्ड में गंदगी का अंबार है। कोई सफाई कर्मी वहां नहीं जाता, ना ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि नए वार्डों में कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहन खरीदे जाने हैं। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। पगरा उर्फ परसिया के सभासद बृजेश यादव ने कहा कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद एक साल से साफ-सफाई, सड़क, नाली निर्माण के काम वार्ड में ठप हैं। पहले कोई समस्या होती थी तो हम लोग ब्लाॅक पर जाते थे, काम हो जाता था। यहां कोई सुनने को तैयार नहीं है। रौनियारी टोला बजाजी रोड वार्ड के सभासद गौहर अली ने कहा कि हमारे वार्ड में पथ प्रकाश की व्यवस्था बदहाल है। शिकायत के बाद भी खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदला नहीं जा रहा है। ईओ रोहित सिंह ने बताया कि इस मामले में संबंधित कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया है। उमानगर वार्ड से सभासद ऋषि यादव ने कहा कि मुख्य मार्गों पर लाइट लगाकर नगर पालिका वाहवाही लूट रही है। इधर वार्डों में लोग सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। इस दौरान सभासद वंदना देवी, पुष्पा देवी, अजय कुमार, बालेंद्र बहादुर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, निर्मला देवी, रूपा शुक्ला, शिवानंद, बृजेश, जावेद आलम, संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
राज्य वित्त के मुद्दे पर सभासदों ने ईओ को घेरा
सिंधी मिल कालोनी के सभासद अमित मिश्रा व अन्य ने राज्य वित्त के मुद्दे पर ईओ से सवाल-जवाब किए। शासन से प्राप्त धनराशि व खर्च का ब्योरा मांगा। ईओ रोहित सिंह ने बताया कि राज्य वित्त मद में शासन से 3.33 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो रही है। पिछले महीने 1.94 करोड़ कर्मचारियों के वेतन, पेंशन व अन्य मद में भुगतान किया गया है। तीन करोड़ के करीब कर्मचारियों का बकाया है। सभासदों ने कहा कि वेतन, पेंशन के बाद जो धनराशि बचती है उसका उपयोग निर्माण कार्य में होना चाहिए। ताकि जनता को सुविधाएं मिल सकें।
92.59 करोड़ का पेश हुआ बजट
नगर पालिका को मौजूदा वित्तीय वर्ष में विभिन्न माध्यमों से 92.59 करोड़ के आय का अनुमान है। इसमें लगभग 86.95 करोड़ धनराशि खर्च कर नगर वासियों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें सड़क नाली विकास, पेयजल पाइप का विस्तार, साफ-सफाई, पथ प्रकाश आदि पर विशेष ध्यान दिया गया है। खासकर नवसृजित आठ वार्डों में शहरी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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इस साल 43 करोड़ आय बढ़ने का अनुमान
नगर पालिका ने मौजूदा सत्र में पिछले सत्र के मुकाबले 43.57 करोड़ आय बढ़ने का अनुमान लगाया है। पिछली बार 16 प्रकार के शासकीय अनुदान समेत 39 मदों से नगर पालिका को 49 करोड़ की आय हुई थी। इस बार सीमा विस्तार में 23 गांव शामिल होने से गृहकर जलकर, लाइसेंस शुल्क आदि से 43 करोड़ आमदनी बढ़ जाएगी।
23 लाख खर्च कर सुधरेगी पथ प्रकाश की व्यवस्था
नगर व विस्तारित इलाकों में पथ प्रकाश की व्यवस्था सुधारने के लिए नगर पालिका ने बजट में 25 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इससे प्रकाश पोल, बिजली बल्ब व उपकरण क्रय और मरम्मत किया जाएगा। साथ ही खाली पड़े करीब दो हजार प्वाइंट पर प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।
50 लाख से सुधरेगी पार्कों की सेहत
शहर में 20 से अधिक पार्क हैं। इनमें कइयों की स्थिति बदहाल है। इनके बाउंड्रीवाल व सुंदरीकरण के लिए नगर पालिका ने 50 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इससे पार्कों की मरम्मत, निर्माण व जिम स्थापना के कार्य कराए जाएंगे।
इन कार्यों पर इतने बजट का प्रावधान
- 3.25 करोड़ सफाई अनुभाग में खर्च होंगे। इसमें उपकरण खरीद मरम्मत, चूना, कैमिकल्स, पेट्रोल, पशु बंदी गृह में भूसा चोकर आदि के खर्चे शामिल हैं।
- 20 करोड़ की धनराशि निर्माण कार्यों पर खर्च की जाएगी। इसमें पालिका के भवनों की मरम्मत, निर्माण, सड़क-नाली विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा 75 लाख के बजट का प्रावधान जलकल उपकरण क्रय व पाइपलाइन मरम्मत के लिए किया गया है।
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- 49,02,26,878 हुई थी पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका की आय।
- 49,29,97,649 धनराशि हुई खर्च।
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आठ वार्डों का होगा शहरीकरण
नव सृजित मुख्यमंत्री योजना से दो करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे नगर के आठ नव सृजित वार्डों का शहरीकरण किया जाएगा। इनमें रघवापुर, बड़हरा, मेहड़ा, कठिनइया, पिड़रा, सोंदा, मुंशी गोरखनाथ टोला, पगर उर्फ परसिया वार्ड शामिल हैं। यहां सड़क नाली का अभाव है। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या बनीं रहती है। पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।