- बांग्लादेश में आयोजित प्रतियोगिता में अजेय रहते हुए देश की महिला टीम ने जीता खिताब
- हिना को मिली बेहतरीन डिफेंडर की ट्राॅफी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले की बेटी हिना के पैरों का जादू बांग्लादेश में आयोजित सैफ फुटबाल प्रतियोगिता में खूब चला। उनके बेहतर प्रदर्शन और फाइनल में मजबूत डिफेंस से भारतीय टीम अजेय रहते हुए बेहद राेमांचकारी मैच में चैंपियन बन गई।
अंडर-19 सैफ फुटबाल प्रतियोगिता बांग्लादेश में दो से नौ फरवरी तक आयोजित हुई। फाइनल मुकाबला शुक्रवार को ढाका में खेला गया। भारत की टीम भूटान, नेपाल, बांग्लादेश को हराकर फाइनल में पहुंची थी।
शुक्रवार का मैच काफी रोमांचक रहा। भारतीय टीम मैच शुरू होने के साथ ही एक गोल दागकर मजबूत स्थिति में पहुंच गई। पूरे मैच में भारत की बेटियों का दबदबा रहा। भारतीय टीम से डिफेंडर के रूप में खेल रहीं देवरिया के बघौचघाट के मझौवा गांव की बेटी हिना ने मजबूत डिफेंस किया और बांग्लादेश के सभी हमलों को नाकाम कर दिया।
खेल के अंतिम समय में जब तीन मिनट का इंजरी टाइम खेला गया। उसी दौरान बांग्लादेश की तरफ से गोल मारकर मैच को बराबर कर दिया गया। इसके बाद आयोजक कमेटी ने टाइब्रेकर का निर्णय लिया। इसमें दोनों तरफ से सभी 11-11 खिलाड़ियों को गोल करने का मौका दिया गया।
भारत की तरफ से अंतिम गेंद मारने की जिम्मेदारी हिना को मिली और हिना ने जोरदार गोल दागकर अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया। टाइब्रेकर भी बराबर होने के बाद टॉस का निर्णय लिया गया।
इसमें भारत की तरफ से हिना को टॉस में हिस्सा लेने का मौका मिला। इसमें भी जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम चैंपियन बन गई। जीत के जश्न में डूबी टीम के सभी खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। हिना को बेहतरीन खेल के लिए बेहतरीन डिफेंडर की ट्राॅफी दी गई। इसके पहले हिना अंडर-17 सैफ फुटबाल प्रतियोगिता में भारत की कप्तान रह चुकी हैं।
शुरू से आखिरी तक रहा दमदार प्रदर्शन
इसके पहले प्रतियोगिता में भारत की टीम अजेय रही। भारत ने भूटान को 10-0 से, बांग्लादेश को 1-0 और नेपाल को 4-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
टीम इंडिया सीनियर से खेलना है लक्ष्य
नई दिल्ली से गोरखपुर दोपहर 3:40 बजे फ्लाइट से हिना शनिवार को उतरीं। इसके बाद उन्हें देवरिया महोत्सव में सम्मानित किया गया। शाम को वह घर पहुंचीं। हिना ने बताया कि भारतीय सीनियर टीम से देश के लिए खेलना उनका लक्ष्य है। वह इसके लिए कड़ी मेहनत अपने प्रशिक्षक की देखरेख में कर रही हैं।
मुंबई में टैक्सी चलाने वाले की बेटी देश का नाम कर रही रोशन
हिना के पिता मैनुद्दीन अली साधारण किसान परिवार से हैं। वह मुंबई में टैक्सी चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। मां समशुन निशा गृहिणी हैं। दो भाई व तीन बहनों में तीसरे नंबर की हिना का फुटबाल के प्रति रुचि देखते हुए पिता ने प्रेरित किया। हौसला बढ़ाया। हिना पढ़ाई के साथ ही स्कूल स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। इसके पहले वह भारत की अंडर-14 व अंडर-17 व जूनियर टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। पिता मैनुद्दीन व मां समशुन निशा ने कहा कि बेटी देश का नाम कर रही है। इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। हालांकि, अन्य माता-पिता की तरह उन्हें भी उसकी फिक्र लगी रहती है। खेल में कॅरियर बनाने के लिए भेजने पर उन्हें भी डर लगा था। लेकिन, जमाने की परवाह न करते हुए बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय प्रशिक्षक बोले- एक दिन सीनियर टीम से खेलेगी उनकी उपलब्धि पर उनके स्थानीय प्रशिक्षक और कुरमीपट्टी खेल मैदान में महिला खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने वाले जय कुमार राव ने शनिवार को कहा कि हीना आने वाले समय में भारत की सीनियर टीम में जरूर खेलेंगी। वह एक बेहतरीन डिफेंडर हैं। उनकी उपलब्धि पर सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, महिवाल जायसवाल, उग्रसेन दूबे, पिंटू सरकार, अनिल सिंह, राजू सिंह, अजीत प्रताप सिंह, मोहम्मद फतेह, मोहम्मद वसीम आदि ने खुशी जाहिर की है।