सलेमपुर। किसानों के सिर पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। साथ ही उनकी मेहनत से तैयार फसल के बर्बाद होने की आशंका है। इसकी वजह यह है कि खेतों के ऊपर से जर्जर बिजली के तार लटके हैं। कई जगहों पर खेतों से बहुत कम ऊंचाई पर हाईटेंशन तार गुजरे हुए हैं। इनके गिरने से पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली निगम लापरवाह बना है। तहसील क्षेत्र में करीब 35205 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है। खेतों और बागों के बड़े हिस्से से बिजली के तार गुजरे हुए हैं, जिनमें हाईटेंशन लाइनें भी शामिल हैं। कई स्थानों पर तार जर्जर हो चुके हैं या जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर हैं। बिराजभार गांव के समीप जर्जर तार के चपेट में आने से पिछले 25 फरवरी को ट्रक में करंट उतर गया था। जिसके बाद ट्रक में आग पकड़ ली और चालक कोतवाली क्षेत्र के धनौती ढाला कोटिवा टोला गांव निवासी रामप्रताप कुशवाहा की मौके पर मौत हो गई थी। इसी स्थान पर पिछले वर्ष शॉर्ट सर्किट के चलते हजारों बीघे गेहूं की फसल जलकर खाक हो गया था। वहीं भटनी थाना क्षेत्र के कोड़रा श्रीराम गांव होकर ट्यूबल के लिए जा रहे हाईटेंशन तार और पोल पूरी तरह से झुका हुआ है। लेकिन विभाग का इसपर नजर नहीं पड़ रहा है।इसके अलावा तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जर्जर तारों में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग चुकी है। गर्मी के दिनों में जर्जर तारों के टूटकर गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। स्पार्किंग से निकली चिंगारी खड़ी फसल को पल भर में जलाकर राख कर देती है।
किसानों की समस्या को देखते हुए विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया है।
अलका सिंह तहसीलदार सलेमपुर