देवरिया। अगले साल होने वाली यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में व्यक्तिगत रूप से बैठने वाले परीक्षार्थियों के लिए जिले में अग्रसारण केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। इसके लिए इस बार कुल नौ केंद्र बनाए गए हैं। एक केंद्र से हाईस्कूल में अधिकतम 600 एवं इंटर में 400 परीक्षार्थी ही आवेदन कर सकेंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से सत्र 2023-24 की बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के अंतर्गत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा आवेदन उपलब्ध कराने एवं उन्हें अग्रसारित किए जाने के लिए केंद्रों का निर्धारण हो गया है। डीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि सलेमपुर विकास खंड में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, गौरीबाजार में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इंदूपुर, भटनी में राजकीय हाईस्कूल भरहेचौरा, पथरदेवा में राजकीय हाईस्कूल रामपुर महुआबारी, रामपुर कारखाना में राजकीय हाईस्कूल गौरा, बरहज में राजकीय हाईस्कूल बड़का गांव, लार में राजकीय हाईस्कूल कुंडौली, रुद्रपुर में राजकीय हाईस्कूल नकईल व देसही देवरिया में पं.दीनदयाल उपाध्याय माॅडल इंटर कॉलेज टीला-टाली को इस बार मिश्रित रूप से अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा जो लोग नौकरीपेशा हैं वह हाईस्कूल या इंटर पत्राचार के जरिए करना चाहते हैं वह राजकीय इंटर कॉलेज देवरिया, कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज देवरिया, बापू इंटर कॉलेज सलेमपुर, बीआरडी कृषक इंटर कॉलेज भाटपाररानी, डीएन इंटर कॉलेज रुद्रपुर, श्री बब्बन सिंह इंटर कॉलेज रतसिया कोठी, अभयानंद शिक्षा संस्थान इंटर कॉलेज शिवधरिया, एएनडी इंटर कॉलेज पथरदेवा से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंजीकरण व अग्रसारण केंद्र पर हाईस्कूल के 600 एवं इंटर में अधिकतम 400 छात्र-छात्रा ही व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में आवेदन कर पाएंगे।
अग्रसारण केंद्रों के निर्धारण पर उठे सवाल
देवरिया। जिला मुख्यालय के किसी विद्यालय को अग्रसारण केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि शहर में राजकीय इंटर कॉलेज और कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज स्थित है। इनको पत्राचार का केंद्र बना दिया गया है। जबकि शहर से आठ किलोमीटर दूर स्थित राजकीय हाईस्कूल गौरा रामपुर को हाईस्कूल व इंटर का अग्रसारण केंद्र बना दिया है। इससे व्यक्तिगत परीक्षार्थी को शहर से आठ किलोमीटर दूर आवेदन करने जाना पड़ेगा। खास बात तो यह है कि गौरा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बीना मिश्रा ने डीआईओएस कार्यालय को संसाधनों के अभाव में अग्रसारण केंद्र न बनाए जाने का लिखित रूप से अनुरोध किया था। शासनादेश भी था कि छात्राओं व अंग्रेजी माध्यम से आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों के लिए शहर के ही जीआईसी या जीजीआईसी को अग्रसारण केंद्र बनाया जाए। परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों ने नियमों को धता बताते हुए शहर के दोनों विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र की सूची से ही बाहर कर दिया है। इससे उनकी मंशा पर विभागीय लोग ही सवाल उठा रहे हैं।