-चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट गलत लिखवा रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के सिविल लाइंस पर ई रिक्शा और टेंपो चालकों की मनमानी से लोगों को कदम-कदम पर जाम से जूझना पड़ रहा है। पुलिस को चकमा देकर सड़क पर ही सवारियों को भरते हैं। इतना ही नहीं चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट गलत लिखवा रहे हैं और बिना नंबर के वाहन दौड़ा रहे हैं।
शहर के सिविल लाइंस पर दो किलोमीटर में कई जगहों पर ई रिक्शा व टेंपो चालकों की मनमानी का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। जाम की वजह से किसी को मेडिकल कॉलेज पहुंचने में देर हो रही है तो किसी की ट्रेन छूट जा रही है। बृहस्पतिवार को करीब 11 बजे से बस स्टेशन के पास तीन ट्रैफिक सिपाही और एक दरोगा तैनात थे। वह सड़क पर ट्रैफिक नियमों का पालन करा रहे थे, इसी दौरान करीब 15 ई रिक्शा चालक मेडिकल कॉलेज रोड पर बेतरतीब खड़े थे। एक होमगार्ड गया तो सभी खिसक लिए। करीब पंद्रह मिनट बाद फिर से इस रोड पर ई रिक्शा चालकों की वजह से जाम लग गया। 11:15 बजे बस स्टेशन के पास एक दरोगा और कुछ सिपाही बेतरतीब लगे टेंपो और ई-रिक्शा चालकों को हटाए। जब वह सड़क के बीच में हाथ के इशारे से ट्रैफिक का संचालन कर रहे थे तो हर पांच मिनट पर ई रिक्शा चालक और टेंपो चालक आ जा रहे थे। इसकी वजह से जाम लग जा रहा था। 11:30 बजे शिव मंदिर चौराहे पर करीब पंद्रह ई रिक्शा खड़े थे, इसकी वजह से राघव नगर जाने वालों को दिक्कत हो रही थी। पुलिस बूथ पर तैनात सिपाही की नजर पड़ी तो उसने हटाया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह फिर आकर जम गए। 11.45 पर कोऑपरेटिव चौराहे के पास जमे ई रिक्शा और टेंपो को एक दीवान ने हटाया तो कुछ ही देर में बीच रास्ते से सवारी उठाने लगे। रेलवे स्टेशन गेट पर करीब 12:30 बजे ई रिक्शा चालकों की मनमानी की वजह से जाम लग गया था।
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बिना नंबर प्लेट का भी दौड़ा रहे हैं वाहन
देवरिया। पुलिस के चालान से बचने के लिए सड़क पर वाहन भरने वाले चालक एक नया तरीका ईजाद कर लिया है। वह नंबर प्लेट पर नंबर नहीं अंकित करा रहे हैं। अगर लिखवा भी रहे हैं तो ऐसी जगह लिखवा रहे हैं कि वह मोबाइल में कैद न हो पाया, इसके चलते जुर्माने से बच जा रहे हैं।
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कोट:
बस स्टेशन और अन्य जगहों पर सवारी भरने वाले ई रिक्शा और टेंपो से जाम की समस्या हो रही है। इनका चालान किया जाता है, लेकिन यह थोड़ा सा मौका मिलता है तो आकर सवारी भरने लगते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
-गुलाब सिंह, टीएसआई