देवरिया। नेपाल में हुई जोरदार बारिश का असर जनपद से होकर बहने वाली नदियों पर दिखने लगा है। सरयू नदी एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। वहीं, गोर्रा और राप्ती नदियों का जलस्तर भी चढ़ने लगा है। बरहज गेज स्थल से आई रिपोर्ट के मुताबिक सरयू खतरे के निशान से महज 35 सेमी नीचे बह रही है। वहीं गोर्रा व राप्ती के जलस्तर का फासला खतरे से करीब साढ़े तीन मीटर रह गया है। ये नदियां अभी खतरे के निशान से दूर जरूर हैं लेकिन इनके तेजी से चढ़ने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें तेज होने लगी हैं।
ये नदियां जब नदियां खतरे के निशान को पार करती हैं तो बंधों पर दबाव बढ़ता है। इनके टूटने का खतरा अधिक हो जाता है। बाढ़ की आशंका से रुद्रपुर और बरहज तहसील के करीब 250 तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। सबसे अधिक खतरा दोआबा के 150 गांवों को बाढ़ से रहता है। वहीं पानी उतरते समय बंधों पर तेजी से कटान होती है। इस बार बार-बार पानी के चढ़ने और उतरने से बंधों की मजबूती पर भी असर पड़ रहा है।
कपरवार निवासी हनुमान गुप्ता, नूरूल अंसारी, सुरेश यादव, धर्मदेव कुशवाहा आदि का कहना है कि सरयू रह-रहकर डरा रही है। 28 जुलाई को नदी खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही थी। तीन दिन के बाद नदी का जलस्तर सामान्य होने पर हम सभी ने राहत की सांस ली। सोमवार की रात से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का भय सता रहा है। जब भी नदी का पानी चढ़ता है तब उतार के दौरान कटान होने लगती है। इससे कृषि योग्य भूमि नदी के पेट में समा जाती है। अगर विभाग सजग नहीं हुआ तो गांव के गांव उजड़ जाएंगे।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी - खतरा - जलस्तर - गेज स्थल
सरयू - 66.50 - 66.15 - बरहज
राप्ती - 70.50 - 60.50 - भेड़ी
गुर्रा - 70.50 - 66.90 - पिड़राघाट
छोटी गंडक - 63.80 - सामान्य - नदावर घाट
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जिले में बारिश का नदियों पर असर नहीं
नदियों के जलस्तर में भले ही चढ़ाव हो रहा हो मगर जुलाई से अबतक महज 148 एमएम बारिश हुई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर जिले की नदियों में दिख रहा है। अभी दो दिनों तक सरयू, राप्ती, गोर्रा नदी के जलस्तर में चढ़ाव की आशंका है।
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बोले तटवर्ती गांवों के लोग
जब भी नदी का जलस्तर बढ़ता है, बीते दिनों बाढ़ का मंजर आंखों के सामने तैरने लगता है। सारा दारोमदार प्रशासन की सक्रियता पर रहता है। बंधे जरा भी कमजोर हुए तो गांवों को उजड़ते देर नहीं लगेगी। - रामनरायण सिंह, कपरवार पश्चिम टोला।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा सताने लगता है। पिछले महीने सरयू खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही थी। फिर से पानी चढ़ने लगा है। हम लोग खुद भी बंधों की निगरानी कर रहे हैं। जहां भी कटाव जैसी स्थिति बनती है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। - अखिलेश सिंह, कपरवार उत्तरी।
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वर्जन:
नेपाल में हो रही बारिश के चलते जिले की सरयू, राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सरयू खतरे के निशान से 35 सेमी नीचे बह रही है। भयभीत होने की बात नहीं है। बंधे सुरक्षित और मजबूत हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है। - एनके जाड़िया, एक्सईएन बाढ़ खंड।