मेडिकल कॉलेज में जांच करते आडियोलाजिस्ट।संवाद
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में नौ महीनों के लंबे इंतजार के बाद अब श्रवण शक्ति की जांच के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। श्रवण शक्ति की जांच करने वाली मशीन ठीक हो गई है। ऐसे में अब यहां आने वाले मरीजों को निराश लौटकर निजी अस्पतालों और महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे उन्हें काफी सहूलियत होगी। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। हर रोज करीब 135 लोग जिले के विभिन्न क्षेत्रों व बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांव से इलाज कराने आते हैं। आधे मरीज कान के होते हैं। इसमें कम सुनाई देने, कान में आवाज, सीटी की तरह सुनाई देने, चक्कर आने की समस्या से पीड़ित लोग होते हैं। यहां श्रवण शक्ति की जांच की व्यवस्था है। साउंड प्रूफ कक्ष, मशीन के साथ ऑडियोलाजिस्ट व अन्य कर्मियों की तैनाती है, लेकिन नौ माह पहले मशीन खराब होने से जांच ठप हो गई थी। इससे हर 10 से 15 मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ता था। उन्हें निजी अस्पतालों व हायर सेंटर का सहारा लेना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। अस्पताल में ही मरीजों की निशुल्क जांच आसानी से हो जाएगी। इससे समय के साथ रुपयों की बचत होगी। दो दिन में 21 लोगों के कान की जांच की गई है। शनिवार को दस तथा सोमवार को 11 लोगों की जांच हुई।
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जांच से सुनने की क्षमता का चलता है पता
- मेडिकल कॉलेज में ऑडियोमेट्री मशीन से सुनने के क्षमता की जांच की जाती है। उम्र बढ़ने के साथ लोगों को ऊंचा सुनाई देता है। वहीं कान में दिक्कत से चक्कर आने, सीटी बजने की आवाज सुनाई देने लगती है। जांच से सुनने की क्षमता आदि की जानकारी होती है। इसके बाद चिकित्सक जरूरत के मुताबिक दवा व मशीन लगाने की सलाह देते हैं।
अस्पताल में नाक, कान, गले के इलाज की व्यवस्था है। कान जांच करने की मशीन खराब थी, अब बनकर आ गई है। जांच भी शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. एचके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक