मौसम की तरह बदल रही है लोगों की सेहत
मधुमेह और रक्तचाप के बढ़ गए हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कभी धूप तो कभी की ठंड से मौसम का मिजाज भी एकदम से बदल गया है। दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, वहीं, रात का तापमान लगातार कम-ज्यादा हो रहा है। इससे लोग बीमार पड़ने लगे हैं।
सबसे अधिक असर मधुमेह व रक्तचाप के मरीजों पर है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ मधुमेह और रक्तचाप के मरीज बढ़ गए हैं। हालांकि, कड़ाके ठंड नहीं होने के कारण हृदय रोगियों की संख्या कम हो गई है।
शहर के फिजिशियन डॉ. विजय गुप्ता बताते हैं कि मौसम में उतार-चढ़ाव का स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। वे ऐसे बदलाव को आसानी से सहन नहीं कर पाते। मौसम में बदलाव के चलते सबसे अधिक मरीज सर्दी, खांसी, बुखार के आ रहे हैं। इसके अलावा मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा बताते हैं कि इन दिनों जो मरीज बढ़े हैं, उनमें से अधिकतर अनियमित दिनचर्या के चलते बीमार हुए हैं। अभी लोग सर्दी के चलते व्यायाम कम कर रहे हैं और खाने में भी परहेज नहीं कर रहे हैं। इसका असर उनके शुगर लेवल पर पड़ रहा है। वहीं, दिन गर्म होने के चलते लोग कम गर्म कपड़ों के साथ बाहर निकल रहे हैं। वही लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे लोगों का ब्लड प्रेशर भी बढ़ा रह रहा है।
योग व प्राणायाम से मिल सकता है आराम
मधुमेह हार्मोंस के अनियंत्रित स्राव से होता है। इंसुलिन संतुलित रखने के लिए फिट रहना जरूरी है। इसके लिए अनुलोम-विलोम की क्रिया होती है। लेकिन इसके करने से पहले शरीर के सभी अंगों को सक्रिय करने के लिए कुछ आसन और भी करने होते हैं। इसके अलावा मस्तिष्क को एकाग्रचित्त व शांत रखने के लिए भी कुछ योगाभ्यास व प्राणायाम आदि कराए जाते हैं। इसी प्रकार उच्च रक्तचाप के लिए भी अनियमित दिनचर्या ही जिम्मेदार है
दिनचर्या नियमित रखना सबसे जरूरी
योगाचार्य अर्जुन कुमार बताते हैं कि शरीर को फिट रखने के लिए हमें वात, कफ व पित्त को नियंत्रित करना होता है। वात पर नियंत्रण के लिए नियमित तौर पर भोर में साढ़े तीन से पांच बजे के बीच उठना और नित्यक्रिया से निबटना जरूरी है।