मईल। क्षेत्र के पिपरा दवन गांव में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा का विश्व शांति एवं सर्व कल्याण की कामना के साथ समापन हुआ। कथा के समापन पर हवन यज्ञ और भंडारे का भी आयोजन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मन वांछित फल प्रदान करते हैं। संवाद