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मानक के विपरीत छोटे कोर्ट में सीख रहे हैंडबॉल

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मानक के विपरीत छोटे कोर्ट में सीख रहे हैंडबॉल
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हैंडबॉल में जिले ने दिए हैं कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अब छोटा ग्राउंड मिलने से सीनियर हैं चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में हैंडबॉल कोर्ट के लिए पर्याप्त ग्राउंड भी जिम्मेदार नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं। खेल के लिए मानक 40 बाई 20 के कोर्ट का है। जबकि 30 बाई 20 के कोर्ट में ही प्रशिक्षण शिविर संचालित हो रहा है। कई सीनियर खिलाड़ियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पर्याप्त खेल ग्राउंड उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि, जिम्मेदारों की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है।
जिले ने हैंडबॉल खेल में राहुल शुक्ला, प्रवीन सिंह, राबी शुक्ला, अजय मणि त्रिपाठी, अरविंद यादव, नवीन मिश्रा, मंजूला पाठक जैसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। अब इस खेल में पर्याप्त ग्राउंड भी न मिलना भी इस खेल के कई सीनियर खिलाड़ियों को अखर रहा है। सत्र 2022-23 के प्रशिक्षण सत्र में हैंडबॉल में निर्धारित खिलाड़ियों की संख्या 25 को पार कर 36 का नामांकन हो चुका है। खिलाड़ियों की संख्या अधिक होने से भी अभ्यास में खिलाड़ियों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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पर्याप्त जगह नहीं मिलेगी तो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ेगा असर
हैंडबॉल के कई सीनियर खिलाड़ियों ने छह माह पूर्व कई बार इस संबंध में खेल अधिकारी का ध्यान दिलाया था। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं यूपी हैंडबॉल सलेक्शन कमेटी के चेयरमैन संजय राय ने बताया कि हैंडबॉल के लिए 40 बाई 20 का ग्राउंड होना ही चाहिए। जबकि स्टेडियम में इससे कम जगह है। इससे खिलाड़ियों को समुचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। जब ये खिलाड़ी कहीं बाहर जाएंगे तो उन्हें मानक वाले ग्राउंड पर खेलना होगा, ऐसी स्थिति में छोटे ग्राउंड पर किए गए अभ्यास से यहां उनका प्रदर्शन प्रभावित रहेगा और ऐसे में बड़े ग्राउंड पर वह व्यवस्थित खेल भी नहीं पाएंगे। इस संबंध में छह माह पूर्व ही पूर्व जिला क्रीड़ाधिकारी रहे केके पांडेय से पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, हालांकि, उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह समस्या अब भी बनी हुई है।
छोटे ग्राउंड पर खिलाड़ियों का अच्छे से अभ्यास नहीं होगा
बैतालपुर निवासी व साई हॉस्टल सैफई के खिलाड़ी अमर मणि त्रिपाठी ने बताया कि छोटे ग्राउंड से खिलाड़ियों की आदत खराब होगी। प्रैक्टिस अच्छे से नहीं हो पाती है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। खेलो इंडिया यूथ गेम में यूपी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकीं सलेमपुर निवासी क्षमा पांडेय ने कहा कि मानक वाले ग्राउंड पर ही अभ्यास करने से खिलाड़ी आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
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कोट
स्टेडियम ग्राउंड के छोटा होने के चलते ये दिक्कतें आ रही हैं। जो जगह उपलब्ध है, उसी में खेल निदेशालय की ओर से संचालित प्रशिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
-राजनारायण प्रसाद, जिला क्रीड़ाधिकारी
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