यह सूचना जब गांव वालों को मिली तो मौके पर पहुंच गए। तरकुलवा पुलिस भी सूचना पाकर मौके पर पहुंची। दोनों के शवों को कब्जे में लेकर छानबीन में जुटी है। इसकी जानकारी जब मृतक की मां धर्मावती देवी, छोटे भाई परमेश तथा दो छोटी बहनों को हुई तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी उस पल को कोस रहे थे, जिस समय बाबा और पोता बाजार के लिए निकले थे।
अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आसपास के लोग बता रहे हैं कि पिकअप से हादसा हुआ है। जिसकी तलाश की जा रही है। -दिनेश कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष तरकुलवा
पिता की मौत के बाद सतीश के कंधों पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी
सतीश चार भाई दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रामध्यान की मौत बहुत पहले ही हो गई थी। घर की सारी जिम्मेदारी सतीश पर ही थी। वही बाबा के बुढ़ापे का सहारा था। वह खेतीबारी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारियों को निभाता था। अपने सभी छोटे-भाई बहनों की वह हर ख्वाहिश पूरी करने के साथ ही उन्हें अच्छी शिक्षा भी दे रहा था। ग्रामीण बताते हैं कि वह होली की खरीदारी करने के बाद छोटी बहनों के लिए पनीर लेकर बाबा के साथ लौट रहा था, तभी पिकअप ने उन्हें रौंद दिया।