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दर्दनाक: होली की खरीदारी कर लौट रहे दादा-पोते को पिकअप ने कुचला, दोनों ने मौके पर ही तोड़ा दम

Fri, 03 Mar 2023 09:08 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, तरकुलवा (देवरिया)

सार

तरकुलवा थाना क्षेत्र के सिरवनिया गांव निवासी चंद्रबली कुशवाहा (65 वर्ष) अपने पोते सतीश कुशवाहा (20 वर्ष) के साथ बाइक से कंचनपुर चौराहे पर बाजार करने गए थे। वह अपने पोते के साथ घर लौट रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। 
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हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होली की खरीदारी कर बाजार से घर लौट रहे दादा और पोते की शुक्रवार शाम पिकअप की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पिकअप की तलाश में जुटी है। उधर एक साथ दो मौतों की सूचना जब परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया।

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तरकुलवा थाना क्षेत्र के सिरवनिया गांव निवासी चंद्रबली कुशवाहा (65 वर्ष) अपने पोते सतीश कुशवाहा (20 वर्ष) के साथ  बाइक से कंचनपुर चौराहे पर बाजार करने गए थे। वह अपने पोते के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। उसी दौरान गांव के समीप कसया-देवरिया मार्ग के रतनपुरा चौराहे पर ईंट-भट्टे के सामने देवरिया से कसया की ओर जा रही बेकाबू पिकअप की चपेट में आ गए। इससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

यह सूचना जब गांव वालों को मिली तो मौके पर पहुंच गए। तरकुलवा पुलिस भी सूचना पाकर मौके पर पहुंची। दोनों के शवों को कब्जे में लेकर छानबीन में जुटी है। इसकी जानकारी जब मृतक की मां धर्मावती देवी, छोटे भाई परमेश तथा दो छोटी बहनों को हुई तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी उस पल को कोस रहे थे, जिस समय बाबा और पोता बाजार के लिए निकले थे।

अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आसपास के लोग बता रहे हैं कि पिकअप से हादसा हुआ है। जिसकी तलाश की जा रही है। -दिनेश कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष तरकुलवा
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पिता की मौत के बाद सतीश के कंधों पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी
सतीश चार भाई दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रामध्यान की मौत बहुत पहले ही हो गई थी। घर की सारी जिम्मेदारी सतीश पर ही थी। वही बाबा के बुढ़ापे का सहारा था। वह खेतीबारी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारियों को निभाता था। अपने सभी छोटे-भाई बहनों की वह हर ख्वाहिश पूरी करने के साथ ही उन्हें अच्छी शिक्षा भी दे रहा था। ग्रामीण बताते हैं कि वह होली की खरीदारी करने के बाद छोटी बहनों के लिए पनीर लेकर बाबा के साथ लौट रहा था, तभी पिकअप ने उन्हें रौंद दिया।
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