चार लोडेड और एक खाली ट्रक बरामद, बोरियों से अनाज निकालकर फिर सिल देने की आशंका
जांच में जुटे प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। माहीगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने छापामार कर शनिवार की रात पीडीएस का अनाज लदा ट्रक पकड़ा। चार ट्रकों पर करीब एक हजार क्विंटल अनाज लोड था। एक ट्रक खाली मिला।
एसडीएम रत्नेश तिवारी ने पांचों ट्रकों को कब्जे में लेकर जांच शुरू करा दी है। आरोप है कि कथित पेट्रोल पंप पर अनाज की बोरियों से थोड़ा अनाज निकाल फिर उसे सिल दिया जाता है।
किसी ने सीओ अंशुमन श्रीवास्तव से शिकायत की कि पेट्रोल पंप पर खड़े अनाज लदे ट्रकों से पीडीएस के अनाज की हेराफेरी हो रही है। आधी रात को सीओ अंशुमन श्रीवास्तव और नायब तहसीलदार अनिल तिवारी पुलिस बल के साथ छापामार कर पांचों ट्रकों को कब्जे में ले लिए। सारे ट्रक तहसील परिसर में खड़ा कर दिए गए। इनमें से एक ट्रक खाली था। चार ट्रकों में दो में चावल और दो में गेहूं की बोरिया लदी हैं।
मामले का क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी दुर्गा नंद यादव, नायब तहसीलदार अनिल तिवारी, पूर्ति निरीक्षक अरविंद पांडेय, पूर्ति निरीक्षक सनी देवल, पूर्ति निरीक्षक राघवेंद्र और विपणन निरीक्षक जगदीश यादव की टीम जांच कर रही है। जांच टीम ट्रकों का मेजरमेंट कराकर एसडीएम को रिपोर्ट देगी।
खाली ट्रक के अनाज के बारे में बताया जा रहा है कि उसे आठ कोटेदारों की दुकानों पर पहुंचा दिया गया है। जांच टीम आठों कोटेदारों के बयान लेकर उनके स्टॉक का सत्यापन करेगी। पीडीएस के अनाज का वितरण सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान तक ठेकेदारी से पहुंचाया जाता है।
शिकायत है कि दुकान तक पहुंचने पर हर बोरी में अनाज पांच से दस किलो तक कम रहता है। कोटेदार राशन की बोरियों के आपरेशन की शिकायत उच्चाधिकारियों से कई बार कर चुके हैं।
यह भी सवाल उठ रहा है कि अनाज की निकासी होने के बाद ट्रक सीधे कोटेदार की दुकान पर पहुंचने की बजाय रातभर पेट्रोल पंप पर क्यों खड़े होते हैं। जबकि विपणन गोदाम उसरा से रुद्रपुर क्षेत्र की किसी भी दुकान की अधिकतम दूरी 25 से 30 किलोमीटर है।
इस बाबत एसडीएम रत्नेश तिवारी ने कहा कि ट्रकों पर लदे अनाज और अनलोड अनाज की गहराई से जांच कराई जा रही है। इसके लिए छह अधिकारियों की टीम बनाई गई है। खाली ट्रक के अनाज का कोटेदारों के स्टाॅक से मिलान किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।