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Deoria News: लाल निशान पर ठहरी गोर्रा नदी, डीएम ने किया निरीक्षण

Tue, 16 Jul 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बरहज के कपरवार ​​स्थित नदी में विलीन हो चुके कुर्ह परसियां नवीन बांध से बाढ़ क्षेत्र का जायजा ल
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-बरहज में और घटा सरयू का जलस्तर, खतरे के निशान से 20 सेमी बह रही ऊपर
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-भागलपुर में खतरे के निशान से 6 सेमी नीचे बह रही है सरयू
-डीएम ने किया कटान स्थलों का किया निरीक्षण, दिए दिशा निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया । गोर्रा नदी का जलस्तर मंगलवार को लाल निशान पर ठहर गया है। सोमवार को खतरे के निशान 70:50 पर पहुंच कर नदी 12 घंटे से स्थिर है। वहीं राप्ती का जलस्तर भी ठहरा हुआ है। वह खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे बह रही है। नदियों के जलस्तर में ठहराव के बाद कटान तेज होने की आशंका है।
बरहज में सरयू नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही है। भागलपुर में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 24 सेमी की कमी दर्ज की गई है। इस समय नदी खतरा बिंदु से 6 सेमी नीचे है। जलस्तर घटने के बाद भी नदी की लहरें उग्र हैं। उन्होंने बाढ़ चौकी पिड़रा घाट पर बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्या जानी। बरहज में उन्होंने कुर्ह परसियां नवीन बांध से बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया और अधिकारियों से सख्त लहजें में कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने 10 मिनट तक अधिकारियों से भौगोलिक जानकारी ली। अधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
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रुद्रपुर संवाद के अनुसार, डीएम दिव्या मित्तल ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित रुद्रपुर क्षेत्र में कटान स्थलों का निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा के निर्देश दिए। डीएम करीब तीन बजे पिड़रा पुल स्थित कटान का जायजा लेने पहुंचीं। जहां कई गांव के ग्राम प्रधानों और ग्राम वासियों से हालात की जानकारी ली।
पिड़रा के ग्राम प्रधान मनोज सिंह, ईश्वरपुर के ग्राम प्रधान अनिरूद्ध चौधरी ने डीएम को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि यहां एप्रोच कटने से करीब एक साल तक पुल से गाड़ियों का आवागमन ठप रहा। इससे दोआबा के 52 गांवों के लोगों को साल भर यातायात की दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। डीएम ने मौजूद लोगों को किसी भी सूरत में आवागमन नहीं रुकने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कटान रोकना है। पीडब्लूडी के अधिकारी इसकी जिम्मेदारी लें। एक भी तटबंध असुरक्षित नहीं रहना चाहिए। राहत और सुरक्षा टीम को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश देने के साथ गांव वालों से जलस्तर बढ़ने या तटबंधों में रिसाव होने पर पैनिक नहीं होने की अपील की। कहा कि कंट्रोल रूम और डीएम का मोबाइल 24 घंटा खुला रहेगा। बाढ़ के समय में सांप कांटने की समस्या अधिक होती है। सांप काटने की दवा हर सीएचसी और पीएचसी पर मौजूद है। सांप काटने पर झांडफूक के चक्कर में न पड़े। मरीज को लेकर तुरंत सीएचसी या पीएचसी पर ईलाज कराए। डीएम ने गायघाट कटान स्थल का भी जायजा लिया। उन्होंने जियो टैगिंग विधि से हुई बंधे की पिचिंग के पायलट प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी ने डीएम को राप्ती नदी के भेड़ी कटान की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भेड़ी में राप्ती नदी तटबंध को तेजी काट रही है। जलस्तर घटने पर कटान और तेज हो जाएगा। यहां बोल्डर पिचिंग दरक रहा है। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को बांध बचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कही भी अधिकारियों की लापरवाही से बांध नही कटना चाहिए। एक्सइएन रामसमुझ प्रसाद ने कहा कि सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। बंधो की निगरानी दिन रात हो रही है। अभी बांध पर कोई खतरा नहीं है।

10 वर्षों से बन रहे मोहन सेतू के बारें की पूछताछ
बरहज संवाद के अनुसार सरयू नदी में विलीन कुर्ह परसियां के नवीन बांध पर मंगलवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल लाव-लश्कर के साथ पहुंची। डीएम दिव्या मित्तल करीब 5.50 बजे नवीन बांध पर पहुंची। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने 2007 से 2014 तक नदी मे विलीन हुए गांव कुर्ह परसियां और गोरखपुुर जनपद के कोलखास गांव का जिक्र करते हुए हालात से अवगत कराया। डीएम ने सरयू पार बाढ़ प्रभावित गांव परसियां-विशुनपुर देवार और टॉपू बने भदिला प्रथम गांव के बारे में भी जानकारी लिया। उन्होंने विगत 10 वर्ष से बन रहे मोहन सेतु के बारे में भी पूछताछ किया। जिस पर अधिकारियों ने नदी द्वारा कटान के कारण और पाट करीब 500 मीटर चौड़ा होने के कारण रिवाइज इस्टीमेट भेजे जाने की बात कही।
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भागलपुर में खतरे के निशान से नीचे आई सरयू
भागलपुर संवाद के अनुसार भागलपुर में कटान रोकने के लिए बाढ़ खण्ड विभाग युद्ध स्तर पर लगा हुआ है। जिन स्थानों पर कटान हो रहा है वहां ईट के टुकड़े बोरे में बालू भर कर झाड़ झंखाड़ रस्सी बांध कर कटान के मुहाने पर गिराये जा रहें हैं, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण दिक्कत हो रही है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार नदी मंगलवार को घट कर 64 मीटर 14सेमी पर आ चुकी है। भागलपुर और देवसिया गांव के बीच नदी की धारा सीधे टकरा रही जिससे भागलपुर मईल मार्ग बन्धे पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। भागलपुर और देवसिया गांव से सटे 10 करोड़ की लागत से कटान रोधी कार्य जून के महीने में ही पूर्ण हुआ है। बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि भागलपुर से देवसिया गांव तक बंधे का मरम्मत कार्य कराया गया है।दो परियोजना जल्द ही पूर्ण हुईं है। कटान रोकने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य हो रहा है।
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