देवरिया। आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को डाकघर, बैंक शाखाओं और विभिन्न जगहों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें महीने भर तक आधार कार्ड आने का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, शहर में कई जगहों पर फर्जी आधार कार्ड बनाने का खेल चल रहा है। महज 250 से 300 रुपये देकर आधे घंटे के भीतर फर्जी आधार कार्ड बन जा रहा है। इसमें केवल फोटो असली लग रहा है, बाकी सारी जानकारी फर्जी दर्ज कर दी जा रही है। इसके लिए न निवास प्रमाणपत्र और न ही किसी और दस्तावेज की जरूरत पड़ रही है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने शहर के कुछ स्थानों पर पड़ताल की तो जनसेवा केंद्र और साइबर कैफे वाले धड़ल्ले से फर्जी आधार कार्ड बनाते मिले। कचहरी चौराहे के पास एक युवक आधार कार्ड बनवाने पहुंचा तो थोड़ी सी ना-नुकुर के बाद दलाल आधार कार्ड बनाने को तैयार हो गया। उसने मनमाफिक जन्मतिथि और पता सब दर्ज कर आधार कार्ड तीन सौ रुपये में थमा दिया। बस इतनी हिदायत दी कि इस आधार को किसी सरकारी उपक्रम में मत लगाएं। असली की तरह दिखने वाले इस नकली आधार कार्ड को बनाने के लिए किसी पहचान पत्र की भी मांग नहीं की गई। पड़ोसी प्रांत बिहार हो या दूर दराज प्रांत का निवासी, अगर उसे चोरी-छिपे शहर में किराए का कमरा लेना हो तो यह फर्जी आधार कार्ड मददगार साबित हो रहा है। पहचान छिपाकर होटल में ठिकाना बनाने व निजी कंपनियों में नौकरी पाने के लिए ऐसे आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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इस तरह हुई फर्जी आधार कार्ड बनाने की सेटिंग स्थान : कचहरी चौराहा, समय : दोपहर 12 बजे
- युवक : भाई आधार कार्ड बनवाना है।
- दुकानदार: कहां लगाना है।
- युवक : बाहर जाना है, अगर होटल में रुकना पड़े तो वहां काम आएगा।
- दुकानदार: बन जाएगा... मगर सरकारी योजनाओं में लगाए तो पकड़ लिए जाओगे। प्राइवेट में लगाकर काम चला सकते हो
- युवक: बना दीजिए।
- दुकानदार: तीन सौ रुपये और फोटो दो और जाओ घूम कर आधे घंटे बाद आओ।
आधे घंटे बाद
- युवक: आधार बना गया क्या?
- दुकानदार : यह लो... तुम्हारा आधार कार्ड बन गया है। किसी से दुकान का पता मत बताना।
पकड़े जा चुके हैं फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले
केस नंबर एक
- मार्च 2018 में सलेमपुर में एक दुकान में फर्जी आधार कार्ड बनाने की जानकारी यूआईडीएआई लखनऊ कार्यालय को हुई तो डिप्टी डायरेक्टर ने छापा मारा। इस दौरान पांच लोग फर्जी आधार कार्ड बनाते पकड़े गए थे। इस मामले में साइबर क्राइम एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए थे।
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फर्जी आधार कार्ड थमाकर लेकर उड़ जाते हैं सामान
केस- दो
- 2021 में एक गिरोह पकड़ गया था। यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम करता था। मदनपुर थाना क्षेत्र के निवासी दीपक सिंह ने साइबर कैफे की दुकान खोल रखी थी और यहीं पर काम करता था। यह गिरोह दुकानों पर फर्जी आधार कार्ड देकर किराए पर सामान लेता था और चंपत हो जाता था। गिराेह के पास से दो कैमरे और आधार बनाने का बाकी सामान बरामद हुआ था।
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फर्जी आधार कार्ड या कोई भी कागज जालसाजी कर बनाना अपराध है। ऐसे लोगों पर साइबर सेल की नजर है। अगर कहीं से शिकायत मिलती है या पुलिस को जानकारी लगी तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को पुलिस बख्शेगी नहीं।
- संकल्प शर्मा, एसपी
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आधार कार्ड बनवाना तो दूर, गलती ठीक कराने में भी लगानी पड़ रही दौड़
देवरिया। शहर के प्रधान डाकघर से आधार कार्ड बनाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को यहां आधार बनवाने आए लोगों की लंबी कतार देखने को मिली। इसमें कई ऐसे लोग थे जो फार्म भरने के लिए आए थे और दो-तीन दिन से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसके बावजूद भी इन्हें कहा जा रहा था कि एक माह बाद आधार कार्ड बन पाएगा। फर्जी आधार कार्ड पल भर में बन जा रहे हैं, लेकिन एक बात यह भी सच है कि विभिन्न जगहों से बनने वाले आधार कार्ड की गलती तक सुधरवाने में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। छोटी सी गलती सुधरवाने के लिए उन्हें एक महीने का इंतजार करना पड़ रहा है।
तीन-चार बार आधार कार्ड के लिए गया था। कभी अंगूठा नहीं मिल रहा था तो कभी सर्वर ही डाउन रहता था। इसके कारण कई दिनों तक आधार कार्ड के लिए परेशान होना पड़ा।
- मारकंडेय दूबे, साकेत नगर
चार बार आ चुका, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। आधार कार्ड की जरूरत है। अब एक महीने के ऊपर तक इंतजार करने को कहा गया है। सुबह से ही बिना खाए-पीए आया हूं। कभी सर्वर डाउन हो जा रहा है तो कभी कोई गड़बड़ी हो जा रही है। - जितेंद्र, खोराराम