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Deoria News: सड़क पर लगवाते हैं टैक्सी, वसूलते हैं स्टैंड शुल्क

Wed, 17 May 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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भटवालिया चौराहे के पास पूरब पटरी पर सड़क किनारे भर रहे सवारी ।संवाद
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शहर में छह जगहों पर नगर पालिका संचालित करा रही अवैध टैक्सी स्टैंड
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- प्रत्येक स्टैंड से दो से ढाई हजार रुपये होती है अवैध वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। टैक्सी स्टैंड का धंधा है साहब! कमाई हो, न हो टैक्सी साथ में है तो दबंग शोहदों की मनमानी के आगे झुकना ही पड़ता है। छोटे वाहनों का भी निकाय शुल्क के नाम पर 20 से 50 रुपये तक देना पड़ता है। वसूली का अड्डा तो है लेकिन शुल्क निर्धारित नहीं है। जिसे मर्जी चाहे नगर पालिका के कर्मचारी पर्ची थमाकर वसूली शुरू करा देते हैं। यह पीड़ा भीखमपुर रोड स्थित अवैध टैक्सी स्टैंड के ऑटो चालक प्रद्युम्न ने बुधवार को बयां की।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि कहीं भी अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड या रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए। बिना जगह निर्धारित किए स्टैंड शुल्क के नाम पर वसूली भी नहीं की जानी चाहिए, लेकिन शहर में इसकी व्यवस्था उलट है। छह जगहों पर ऑटो और जीप सड़क पर लगवाकर नगर पालिका रोजाना भारी भरकम स्टैंड शुल्क वसूल कराती है। अवैध वसूली का खामियाजा दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों को भुगतना पड़ता है। टैक्सी चालक नगर पालिका की वसूली का हवाला देकर सवारियों से मनमाना किराया लेते हैं।
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शहर के कसया रोड स्थित ओवरब्रिज के नीचे, गोरखपुर मार्ग स्थित ओवरब्रिज के बगल में, भीखमपुर रोड में दो जगह, भटवलिया चौराहा के समीप एक व सीसी रोड पर अवैध टैक्सी स्टैंड का संचालन नगर पालिका करा रही है। रोजाना अलग-अलग जगहों से दो से ढाई हजार रुपये की वसूली की जा रही है। यहां न यात्रियों के लिए बैठने व छाए की व्यवस्था है न पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। सवारी भरने तक उमस भरी गर्मी में यात्री जीप या ऑटो में उबलते हैं। गर्मी से बेहाल यात्रियों व वाहन चालकों के बीच जल्द चलने को लेकर नोंकझोक भी होती है।
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प्राइवेट कर्मियों के सहारे होती है अवैध वसूली
नगर पालिका ने शहर के सभी टैक्सी स्टैंड के लिए कई बार टेंडर जारी किया, लेकिन किसी ने निविदा नहीं डाली। जिसके चलते नगर पालिका खुद स्टैंड शुल्क वसूल करा रही है। इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग के कर्मचारियों को दी गई है, जो प्राइवेट कर्मियों के सहारे टैक्सी स्टैंड शुल्क वसूलते हैं। इसमें वाहन चालकों से मनमाना रुपये लेकर रसीद थमा दी जाती है।

महिला यात्रियों को होती है परेशानी
नगर पालिका भले ही सालाना 10 लाख रुपये टैक्सी स्टैंड से आय कर रही हो, लेकिन स्टैंड के नाम पर सभी जगह सुविधाएं नगण्य हैं। छांव, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला यात्रियों को होती है। उन्हें शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

ट्रैफिक पुलिस के डंडे, दूसरी ओर शोहदों की गाली
हमें भी पता है कि बिना जगह और सुविधा दिए नगर पालिका स्टैंड शुल्क नहीं वसूल सकती, लेकिन क्या करें इधर ट्रैफिक पुलिस के डंडे खाने पड़ते हैं तो उधर नगर पालिका की ओर से रखे गए शोहदों की गाली। जिसे हमारी शिकायत सुननी चाहिए वही हमपर ज्यादती करा रहे हैं। - रामरेखा, ऑटो चालक भीखमपुर रोड।

कौन कराएगा मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन
पहले भी डीएम ने बिना जगह दिए स्टैंड शुल्क वसूलने पर रोक लगाया था। कुछ दिनों तक उनका निर्देश प्रभावी भी रहा। अब मुख्यमंत्री का निर्देश आया है। आखिर इसका पालन कौन कराएगा। नगर पालिका तो खुद अवैध वसूली करा रही है। - लक्ष्मी, जीप चालक कसया रोड टैक्सी स्टैंड।
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वर्जन
शहर में टैक्सी स्टैंड का ठेका नहीं हो पाया है। नगर पालिका के कर्मचारी स्टैंड शुल्क की वसूली करते हैं। प्राइवेट लोग वसूली कर रहे इसकी जानकारी मुझे नहीं है। स्टैंड के लिए जगह व यात्री सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। - रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद देवरिया।
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